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Saharanpur News: छापुर मंदिर विवाद से सहारनपुर में गरमाई सियासत, इकरा हसन के आरोपों पर भड़के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी

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Saharanpur News: छापुर मंदिर विवाद से सहारनपुर में गरमाई सियासत, इकरा हसन के आरोपों पर भड़के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: गंगोह के छापुर मंदिर विवाद ने अब राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बयानबाजी ने माहौल को और गरमा दिया है। एक तरफ सपा सांसद इकरा हसन ने इस पूरे प्रकरण को लेकर पूर्व भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी पर सीधा निशाना साधा, वहीं चौधरी ने पलटवार करते हुए इसे “सपा सांसद की हताशा और राजनीतिक नौटंकी” करार दिया है।

बुधवार को छापुर पहुंचकर सांसद इकरा हसन ने मंदिर प्रकरण को राजनीतिक साजिश बताते हुए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा था। लेकिन इकरा के आरोपों से भड़के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने गुरुवार को तीखा जवाब देते हुए कहा कि सपा सांसद बेबुनियाद बयानबाजी कर रही हैं, उनके आरोपों में रत्तीभर भी सच्चाई नहीं है। प्रदीप चौधरी ने कहा कि मंदिर में तोड़फोड़ की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्वयं एसएसपी से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। चौधरी ने बताया कि हमने एसएसपी को मामले की गंभीरता से अवगत कराया और गांव के लोगों की भी कप्तान साहब से बात कराई थी ताकि किसी निर्दोष को परेशान किए बिना असली दोषियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सपा सांसद के आरोप पूरी तरह झूठे, भ्रामक और जनता को गुमराह करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि “इकरा हसन को शायद यह नहीं पता कि राजनीति का मतलब समाज को बांटना नहीं, जोड़ना होता है। हम और हमारा परिवार हमेशा क्षेत्र की शांति और विकास के लिए काम करता आया है। हमारे पिता भी जनसेवा की राजनीति के प्रतीक रहे हैं।पूर्व सांसद ने सपा सांसद पर व्यक्तिगत हमलों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “मेरे घर में बहनें, बेटियां और माता जी हैं। उनके बारे में जो अमर्यादित बातें की गईं, वह बेहद शर्मनाक हैं। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर इस तरह की बयानबाजी किसी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती।प्रदीप चौधरी ने सपा सांसद को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अगर उन्हें राजनीति करनी है तो फेसबुक और व्हाट्सएप की राजनीति छोड़कर जमीनी हकीकत पर काम करें। उन्होंने कहा, “यह वही पार्टी है जिसके कार्यकाल में मुजफ्फरनगर दंगे हुए, मायावती पर हमला हुआ, कैराना में पलायन कराया गया और कोरोना काल में लोगों को बांटने की साजिश रची गई।

बीजेपी के लोगों की दुकानों से सामान न खरीदने की अपील किसने की थी? यह सब देश को बांटने की राजनीति नहीं तो और क्या है?। प्रदीप चौधरी ने कहा कि छापुर मंदिर प्रकरण को लेकर भाजपा की नीयत साफ है “हम शांति चाहते हैं, साजिश नहीं।” उन्होंने सपा सांसद से अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करें। “धर्म और आस्था के मुद्दे पर राजनीति करना बेहद संवेदनशील मामला है। लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ न किया जाए। अगर सांसद इकरा हसन सच में जनता की सेवा करना चाहती हैं, तो सोशल मीडिया की बयानबाजी से निकलकर जमीन पर उतरें और सच्चाई देखें।अब छापुर मंदिर विवाद केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक घमासान का केंद्र बन गया है। सपा और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तेज हो रही है। एक ओर इकरा हसन भाजपा नेताओं पर माहौल बिगाड़ने के आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदीप चौधरी ने इन आरोपों को सपा की “राजनीतिक निराशा” बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है।