जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए गए गंभीर आरोपों और युवाओं से की गई आंदोलन की अपील पर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा पलटवार किया है। फडणवीस ने राहुल गांधी की “जेनरेशन जेड” से की गई अपील को ‘असरहीन’ करार दिया है और उन पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया है।
“जेन जी को राहुल में कोई दिलचस्पी नहीं” – फडणवीस
एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए फडणवीस ने कहा “राहुल गांधी की अपील का देश के युवाओं पर कोई असर नहीं होने वाला। जो नेपाल से प्यार करता है, वो वहीं रहे। भारत के युवा अब अलग सोचते हैं। उनके पास प्रदर्शन के लिए समय नहीं है, और न ही खोखले नारों में कोई विश्वास।”
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि जनता अब उनके पीछे सरकार गिराने के लिए तैयार नहीं है, इसलिए वे अब युवाओं को मोहरे की तरह इस्तेमाल करना चाह रहे हैं, लेकिन उनकी यह रणनीति अब काम नहीं आने वाली।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के कालाबुरगी जिले की आलंद विधानसभा सीट में हजारों वोटरों के नाम बिना कारण वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
राहुल ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कर्नाटक की CID कर रही है, लेकिन चुनाव आयोग जांच में सहयोग नहीं कर रहा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी वोटरों की पहचान चुराने वालों को बचाने का आरोप लगाया।
“जेनरेशन Z ही संविधान और लोकतंत्र बचाएगी” – राहुल गांधी
राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर युवाओं से भावनात्मक अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा “देश का युवा, छात्र और जेनरेशन Z ही संविधान को बचाएगा, लोकतंत्र को बचाएगा और वोट चोरी को रोकेगा।” उन्होंने युवाओं से सड़क पर उतरने और जागरूकता फैलाने की अपील की, ताकि देश में “वोटिंग सिस्टम की हत्या” को रोका जा सके।
एक हफ्ते में जानकारी नहीं मिली तो आंदोलन – राहुल गांधी
राहुल ने कहा कि इस मामले की जांच फरवरी 2023 से चल रही है और मार्च में चुनाव आयोग को आवश्यक दस्तावेजों की मांग वाली चिट्ठी भेजी गई थी। लेकिन आयोग ने जो दस्तावेज दिए, वे अधूरे और भ्रामक थे, जिससे जांच में बाधा आई। राहुल गांधी ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग एक सप्ताह के भीतर पूर्ण जानकारी नहीं देता, तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
राजनीतिक जंग तेज़, लेकिन सवाल अहम
राहुल गांधी का यह मुद्दा चाहे सियासी रणनीति हो या लोकतंत्र की रक्षा का प्रयास — लेकिन अब इस पर राजनीति तेज़ हो चुकी है। एक ओर जहां कांग्रेस लोकतंत्र बचाओ का नारा देकर युवा वर्ग को जोड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी इसे हास्यास्पद और दिशाहीन राजनीति बता रही है।

