Home National News Chhattisgarh News: CM विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन, लापरवाह अफसरों पर गिरी गाज, दो अधिकारियों को पद से हटाया गया

Chhattisgarh News: CM विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन, लापरवाह अफसरों पर गिरी गाज, दो अधिकारियों को पद से हटाया गया

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Chhattisgarh News: CM विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन, लापरवाह अफसरों पर गिरी गाज, दो अधिकारियों को पद से हटाया गया

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजरों में अब लापरवाही की कोई जगह नहीं है। छत्तीसगढ़ में अब अफसरशाही नहीं, जवाबदेही चलेगी। जो जिम्मेदार नहीं, वो अब सिस्टम में नहीं रहेंगे। सीएम विष्णुदेव साय ने दो बड़े अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की है। ये संकेत है कि अब काम न करने वालों के बुरे दिन आ चुके हैं।

सीएम का बड़ा एक्शन, दो अफसर हटे पद से

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में दो अफसरों पर बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई वर्षों से अधूरी पड़ी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं और शिक्षा विभाग में लापरवाही के चलते की गई है।

देरी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं

मुख्यमंत्री साय ने मुंगेली जिले में वर्षों से लंबित मनियारी और पथरिया जलाशय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि ये देरी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों का हनन है। इन परियोजनाओं के अधूरे होने से किसानों को सिंचाई में भारी दिक्कत हो रही है।

जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाया गया

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाया गया है। उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सीएम ने शिक्षा के स्तर को गिरने नहीं देने का संकल्प दोहराते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अफसरों को जनता के प्रति उत्तरदायी होना होगा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह कार्रवाई एक संदेश है कि अब सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही ही सर्वोपरि होगी। अफसरों को जनता के प्रति उत्तरदायी होना होगा। यह एक संकेत है कि प्रदेश में अब “काम करो या पद छोड़ो” की नीति पर अमल शुरू हो चुका है।