- ऊन चीनी पर चल रहे धरने पर तीसरे दिन वार्ता विफल
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: ऊन चीनी मिल पर धरना देर रहे कांग्रेसियों के बीच तीसरे दिन ज्येष्ठ गन्ना विकास अधिकारी पहुंचें लेकिन वार्ता विफल रहने के कारण गुरुवार से आंदोलनकारियों ने क्रमिक आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
गन्ना भुगतान सहित कई मांगों को लेकर कांग्रेसी गत 26 अक्टूबर से ऊन चीनी मिल के गेट पर धरनारत हैं। तीसरे दिन धरनारत कार्यकर्ताओं के बीच ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पहुंचें लेकिन वार्ता विफल रही। इस दौरान धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं जनपद प्रभारी सत्यम संयम सैनी ने कहा कि सरकार को किसान मजदूर की परवाह नहीं है। सरकार अपने तानाशाही रवैये से आये दिन अपने तुगलकी फरमान जारी कर रही है।
किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है। ऊपर से महंगाई की मार ने किसान-मजदूर वर्ग की कमर तोड़ दी है। कांग्र्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी ने मौजूदा सरकार पर किसानों के साथ विश्वास घात करने के आरोप लगाये। दीपक सैनी ने कहा कि योगीजी ने चौदह दिन में गन्ना भुगतान कराने का वायदा किया था।
उन्होंने बताया कि गुरुवार से धरना क्रमिक आमरण अनशन में बदल जाएगा। युवा प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा सींगरा ने बताया कि तीन दिन हो गए किसान धरने पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन की आंख नहीं खुली। सत्ताधारी नेताओं की शह पर किसानों की दुर्गति हो रही है। नये सत्र में पेराई कार्य चालू किया जा रहा है लेकिन मिल मालिक पिछले साल का बकाया देना नहीं चाहते। वरिष्ठ नेता तेजपाल गुर्जर ने भी स्थानीय प्रशासन पर तंज कसे।
धरने पर तीसरे दिन कार्यकर्ताओं के बीच ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक धीरेंद्र नाथ पांडे पहुंचे तथा गन्ना बकाया भुगतान के लिए मिल प्रशासन पर दबाव बनाने की बात करते हुए धरना समाप्त करने की अपील की लेकिन कार्यकर्ताओं ने बगैर भुगतान किए धरना समाप्त करने से मना कर दिया जिस पर बाद वह वापस लौट गए।
धरना प्रदर्शन में पप्पू नायक, धर्मेंद्र कामबोज, पंडित सुभाष शर्मा मंगलोरा, सुरेश कुमार दथेडा, राजेन्द्र गोल्डी, रुपक मछरोली, धर्मपाल सिंह उपाध्याय, अंकित उपाध्याय, राव मुस्तफा, बाबू कोरी, सुरेश कश्यप, पाल्ला कश्यप, राजबीर सिंह प्रियांशु शर्मा आदि मौजूद रहे।

