- मौखिक तौर पर वर्जन में दी जानकारी रिकॉर्ड में किस तरह से की गई तैयारी, दिखाने से किया इंकार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गर्मी के मौसम में जनता को निर्बाध पेयजल आपूर्ति मिलती रहे उस पर नगर निगम की तरफ से क्या खास तैयारी की गई है उसको लेकर निगम के अधिकारियों बातचीत की। यदि विद्युत आपूर्ति किसी काराण बाधित हो भी जाये तो उसके बावजूद पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे।
अक्षर देखा गया है कि गर्मी के मौसम में तेज हवा के साथ अंधड़ में विद्युत लाइन के तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिसका असर पेयजल आपूर्ति पर भी देखने को मिलता है। निगम की अपर आयुक्त एवं जल निगम के अधिकारियों से जब इस संबंध में बातचीत की तो उन्होंने बताया कि खराब मौसम एवं विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बावजूद पेयजल आपूर्ति निर्बाध तरीके से जारी रहेगी।
उनके द्वारा प्लान के बारे में मौखिक रूप से वर्जन दिया गया। उनसे रिकॉर्ड में किस तरह से प्लान को मेंटेन किया है। उसके बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया और चुप्पी साध गये। जिसको लेकर निगम की अपर आयुक्त एवं जल निगम के लिपिक निगम रिकॉर्ड में जानकारी देने को एक-दूसरे पर टालते नजर आये।
नगर निगम के द्वारा जो अभियान चलाये जाते हैं वह धरातल पर भी सफलतापूर्वक चलाये जाते हैं या फिर रिकॉर्ड का कारम पूरा करने के लिये चलाया जाता है। इस संबंध में हाल ही में निगम के द्वारा संचारी रोग नियंत्रक एवं दस्तक अभियान जो 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच चलाया गया है उसको लेकर पूरा प्लान जनवाणी ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
जनवाणी में प्लान के छपते ही जहां एक तरफ जागरूक जनता ने निगम के संचारी रोग नियंत्रक अभियान की पोल खोलकर रख दी कि जो रोस्टर निगम के द्वारा बनाया गया है। उसके अनुसार धरातल पर कार्य नहीं हो रहा है। जिसमें वार्ड-71 एवं 72 के लोगों ने संचारी रोग नियंत्रक अभियान की पोल खोलते हुये बताया कि उनके वार्ड में नियमित साफ सफाई भी नहीं हो पाती, फिर अभियान चलाया जाना तो बहुत दूर की बात है।

जिसको लेकर निगम के उस प्लान की अच्छी खासी किरकिरी जनता के बीच हुई जो संचारी रोग नियंत्रक अभियान को लेकर रोस्टर जारी किया गया है। गर्मी के मौसम में नगर निगम की तरफ से निर्बाध पेयजल आपूर्ति महानगर की जनता को मिलती रहे उसके लिये निगम के अधिकारियों से मंगलवार को बातचीत की। जिसमें इस संबंध में अपर आयुक्त ममता मालवीय से बात की तो
उन्होंने बताया कि उनके पास गर्मी के मौसम में ही नहीं बल्कि प्रतिदिन निर्बाध पेयजल आपूर्ति होती रहे ऐसी व्यवस्था नगर निगम की तरफ से बनाई गई है। जिसमें तो बडेÞ मोबाइल जैन सेट जनरेटर एवं 4 इलेक्ट्रीशियन की व्यवस्था की गई है। वहीं महानगर के सभी 90 वार्डो में 164 नलकूप हैं,जिसमें वर्तमान में सभी संचालित है, किसी भी नलकूप पर कोई खराबी की समस्या नहीं है।
जनवाणी संवाददाता ने उनसे जानकारी की जो महानगर में गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति के लिये कोई खास प्लान बनाया हो या फिर जो महानगर में 164 नलकूप हैं उनका ब्योरा चाहिए तो उन्होंने बताया कि पूरे ब्योरे के बारे में जल निगम के लिपिक से संपर्क करना होगा उन्होंने बताया कि पंकज सिंह जल निगम में नलकूप संबंधी कार्य देखते हैं। उनसे नलकूपों के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
जिसके बाद संवाददाता ने लिपिक पंकज सिंह से सपंर्क साधा। उन्होंने पहले तो इस संबंध में जानकारी देने से इंकार कर दिया, लेकिन जब उन्हे बताया गया कि अपर आयुक्त ममता मालवीय द्वारा भेजा गया है। तो उन्होंने संवाददाता की बात पर विश्वास नहीं किया और उन्हे मोबाइल से कॉल मिला दी और बातचीत की। जिसके बाद उन्होंने भी मौखिक ही जानकारी दी,
लेकिन जब संवाददाता ने रिकॉर्ड के अनुसार जानकारी मांगी तो उन्होंने मना कर दिया। जिसके बाद लिपिक ने फिर से अपर आयुक्त से उनके मोबाइल पर बात की और बताया कि नलकूपों के संबंध में लिखित रिकॉर्ड के अनुसार कोई डाटा उपलब्ध मीडिया को नहीं कराया जा सकता। इस दौरान कार्यालय में कुछ अन्य बाहरी लोग भी बैठे थे जोकि नोडयूज प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से नगर निगम का संचारी रोग नियंत्रण अभियान का सच जनता के सामने आ गया कि रिकॉर्ड में ही अभियान चल रहा है। शायद ठीक उसी तरह से कहीं जल निगम के कितने नलकूप बंद हैं। कितने संचालित वह सच जनता के सामने न आ जाये जिस कारण शायद निगम डाटा उलब्ध कराने से डर रहा है।

