- वरिष्ठ लिपिक की रुपये लेते हुए वीडियो वायरल
- वीडियो में क्लर्क उस पैसे को लेता है और टेबल की दराज में रखता हुआ वीडियो में कैद हो गया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश है कि सरकारी दफ्तरों में जीरो टोलरेंस पर काम किया जाए। उनकी तमाम सख्ती के बावजूद भी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार चरम पर है। तहसील सदर में खुलेआम भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। अब तहसील के वरिष्ठ क्लर्क का फाइल करने के नाम पर एक व्यक्ति से रिश्वत ले ली, जिसका वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में क्लर्क को रिश्वत की रकम दी जाती है।
वीडियो में क्लर्क उस पैसे को लेता है और टेबल की दराज में रख लेता है। यह भ्रष्टाचार का खेल तहसील में हर सीट पर चल रहा है, जो रुक नहीं रहा है। जो वीडियो वायरल हुआ है, वह ‘जनवाणी’ के पास भी मौजूद है (भ्रष्टाचार का एक-दो मामला नहीं, बल्कि पहले भी इसी तहसील का ‘जनवाणी’ ने स्टिंग आॅपरेशन किया था, जिसमें प्राइवेट कर्मचारियों को महत्वपूर्ण फाइलें करते हुए देखा गया।
इसमें भी फाइलों को आगे बढ़ाने के नाम पर बड़ी घूसखोरी हो रही है, जो वर्तमान में वीडियो वायरल हुआ है। वह वीडियो तहसील के वरिष्ठ क्लर्क देवेंद्र भास्कर का है, जिसमें देवेंद्र भास्कर की सीट पर दो युवक फाइल कराने के लिए पहुंचे । पहले से ही देवेंद्र भास्कर ने फाइल कराने के नाम पर उनसे पैसे तय किए थे।
यह फाइल बिना रिश्वत लिए संस्तुति आगे क्लर्क ने बढ़ाने से साफ मना कर दिया था, जिसके बाद ही पीड़ितों ने खुद ही क्लर्क देवेंद्र भास्कर का वीडियो रिश्वत लेते हुए बना डाला और फिर इस वीडियो को वायरल भी कर दिया है। इससे प्रशासन की खासी किरकिरी भी हो रही है। तमाम सख्ती के बावजूद किस तरह से भ्रष्टाचार तहसीलों में हो रहा है यह उसकी जीता जागती तस्वीर है।
तहसील और थाने पहले से ही भ्रष्टाचार के मामले में बदनाम हैं, लेकिन इस तरह के मामलों पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा हैं। ऐसा तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लगाम कस रखी हैं। फिर भी तहसीलों में भ्रष्टाचार फलफूल रहा हैं। आखिर इस भ्रष्टाचार पर लगाम क्यों नहीं लग रही हैं।
तहसील स्तर पर क्लर्क, लेखपाल और अमीनों पर उंगली उठती रही हैं। लेखपाल स्तर पर भी फाइलों को रोका जाता हैं। एक नहीं, बल्कि बहुत सारे ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। तहसील के भ्रष्टाचार पर शासन अंकुश नहीं लगा पा रहा हैं। इससे प्रशासन की भी खासी किरकिरी हो रही हैं।