- तमाम विरोध के बीच एमडीए ने चार दुकानों का ध्वस्तीकरण कर दिया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गुरुवार को एमडीए के जेई पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। भीड़ दुकानों के ध्वस्तीकरण का विरोध कर रही थी। यह हमला वेदव्यासपुरी में डिवाइडर रोड पर ध्वस्तीकरण के दौरान हुआ। हमले के बाद घायल जेई महादेव शरण का प्राथमिक उपचार कराया।
उधर, एमडीए इंजीनियर की तरफ से एक ही परिवार के तीन लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है तथा पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया। इस घटना के बाद एमडीए इंजीनियरों में भय का माहौल पैदा हो गया है।

घटनाक्रम के अनुसार इंजीनियरों की टीम ने जैसे ही वेदव्यासपुरी में चार दुकानों का ध्वस्तीकरण शुरू किया, उसी दौरान भीड़ ने टीम का विरोध कर दिया। भीड़ में से एक युवक ने डंडा लेकर जेई पर हमला कर दिया। जेई महादेव शरण के नाक व आंख पर गंभीर चोट आयी।
नाक भी कट गया। इस हमले के बाद जेई धड़ाम से जमीन पर गिर गए और बाकी कर्मचारी जेई को बचाने दौड़े। इस बीच निर्माण का ध्वस्तीकरण भी बीच में रोक दिया। जोनल अधिकारी धीरज सिंह घायल जेई को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे तथा उनका प्राथमिक उपचार कराया।
इस बीच फिर से एमडीए की टीम ने चारों दुकानों को जमीदोज कर दिया। पुलिस ने इसके बाद भीड़ को दौड़ा लिया। हंगामा देखते ही देखते बढ़ गया। इस बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने किसी तरह से मामला संभाला। दरअसल, ओमप्रकाश के पुत्र राकेश, शुभम की यहां पर तीन दुकान है।

इसके अलावा सुभाष व हरिओम की दुकान है। ये चारों दुकान जयपाल यादव से खरीदी गई थी तथा इन दुकानों में ये लोग अपना व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित कर रहे थे। इसी वजह से ज्यादा बवाल हुआ है। क्योंकि एमडीए की टीम जिन दुकानों में लोग कारोबार कर रहे हैं, उनका भी ध्वस्तीकरण कर लिया है, जिसके चलते बवाल हो रहे हैं। ध्वस्तीकरण करीब दो घंटे चला।
जोन-सी के जोनल अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि चार दुकानों को ध्वस्तीकरण करने के लिए अभियान चला। ये दुकानें पेट्रोल पंप के ठीक सामने वेदव्यासपुरी डिवाइडर रोड पर सेक्टर-1 में जयपाल यादव की थी। इन दुकानों पर ध्वस्तीकरण किया गया। जब दुकानों का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ, तभी बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ पहुंच गई और एमडीए टीम का विरोध शुरू कर दिया।
जोनल अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि ध्वस्तीकरण के दौरान उनके एक जेई भी घायल हुए हैं। ध्वस्तीकरण के दौरान विपिन कुमार, नोडल अधिकारी मनोज तिवारी, जेई सर्वेश गुप्ता, ओमकार, महादेव शरण, उमाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, जेई पर हुए हमले की घटना को लेकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने एसएसपी अजय साहनी से फोन पर बातचीत की तथा जेई पर हमला करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद ही टीपी नगर थाने में हमलावरों के खिलाफ जेई पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने राकेश, शुभम पुत्रगण ओमप्रकाश, इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
वीसी साहब! पीएल शर्मा रोड पर अवैध निर्माण का जिम्मेदार कौन ?
पीएल शर्मा रोड पर चल रहे अवैध निर्माण का जिम्मेदार कौन हैं? यह बड़ा सवाल है। पीएल शर्मा रोड पर जितने भी निर्माण पिछले एक वर्ष के दौरान हुए हैं, उनमें एक में भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है। भाजपा नेता राहुल ठाकुर ने इसकी शिकायत कमिश्नर से की है। उनका कहना है कि पीएल शर्मा रोड संकरी है, उस पर भीड़-भाड़ बहुत ज्यादा है। ऐसे में वहां पर जाम की समस्या लगी रहती है।
कॉम्पलेक्स का यदि एमडीए निर्माण करा भी रहा है तो उसके लिए पहले पार्किंग की व्यवस्था करानी चाहिए, जिसके बाद ही आगे निर्माण कराने की अनुमति देनी चाहिए। यहां पर नहीं तो पार्किंग की व्यवस्था है, फिर मानचित्र एक मंजिल का स्वीकृत कराया जाता है, निर्माण तीन मंजिल का कर दिया जाता है। यह सब जेई की सेटिंग से चलता है।
वीसी भले ही सख्ती कर रहे हो, लेकिन जेई की भूमिका अवैध निर्माण को रोकने के लिए अहम होती है। यदि जेई से सेटिंग हो जाती है तो फिर अवैध निर्माण को रोक पाना असंभव होता है। कुछ वैसे ही पीएल शर्मा रोड पर भी चल रहा है। भाजपा नेता ने कमिश्नर को इसी की शिकायत की है, जिससे एमडीए के इंजीनियरों ने आॅन रिकॉर्ड वीसी को संतुष्ट करने के लिए नोटिस व चालान काट दिये हैं। बिल्डिंग को सील नहीं किया।

