
क्वारंटाइन…लॉक डाउन…कोविड 19…कोरोना वायरस जैसे नामों से पूरी दुनिया परिचित हो रही है। पहली बार हम सब इस तरह घरों में कैद हुए हैं। बाहर की दुनिया से डरे हुए हैं। इस वक़्त का सही उपयोग करने और पॉजिटिव बने रहने के लिए हर कोई अपने स्तर पर बहुत कुछ कर रहा है। मातृभारती ऐप ने इस वक़्त को रेखांकित करते हुए 21 लेखकों द्वारा लिखी कहानियों की एक सिरीज शुरू की है-मूड्स आॅफ लॉकडाउन। इस सिरीज में लगातार 21 दिनों तक अलग-अलग लेखकों की लॉकडाउन पर आधारित कहानियां प्रकाशित होंगी। इन 21 लेखकों में कुछ लेखन जगत के वरिष्ठ और चर्चित नाम है तो कुछ बिल्कुल नए-नवेले लेखक भी। इस सिरीज का संपादन किया है जयंती रंगनाथन और नीलिमा शर्मा ने। अब तक 21 में से 17 कहानियां ऐप पर प्रकाशित हो चुकी हैं।
अभी तक प्रकाशित कहानियां के आधार पर कहें तो यह लॉकडाउन सिरीज बेहद एंगेजिंग है। सभी कहानियां राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के शहर नोएडा की एक पॉश सोसायटी के अलग-अलग फ़्लैट्स में रहनेवाले लोगों की हैं। हर फ़्लैट में अलग-अलग लोग या परिवार लॉकडाउन का सामना कर रहे हैं। घर के बाहर स्थियां एक जैसी हैं। कॉमन बैकग्राउंड होने के बावजूद हर घर में एक अलग दुनिया देखने मिलेगी आपको। लॉकडाउन ने दुनिया ही नहीं हमारे घरों के भीतर के इक्वेशन को भी बदल कर रख दिया है। यहां तक कि हर इंसान लॉकडाउन से अपने-अपने तरीके से निपटने में लगा हुआ है। कुछ लोगों की जिÞंदगी, कुछ और उलझ जाती है तो कुछ को नया रास्ता मिल जाता है। चूंकि कहानियां अलग-अलग लेखकों ने लिखी है तो आप अलग-अलग लेखन शैलियों से परिचित होंगे। कुछ कहानियां जहां सीरियस नोट पर लिखी गई हैं तो कुछ का हल्का-फुल्का ट्रीटमेंट मजेदार लगता है। मातृभारती ऐप पर मुफ़्त में पाठक इन कहानियों को पढ़ सकते हैं। इस सिरीज के बारे में एक वाक्य में कहना हो तो कहेंगे ‘लॉकडाउन कहानियां, इस मुश्किल घड़ी में राहत के कुछ पल दे जाती हैं।’
अमरेंद्र यादव
पुस्तक : मूड्स आॅफ लॉकडाउन, लेखक: 21 लेखक, संपादन: जयंती रंगनाथन-नीलिमा शर्मा, उपलब्ध: मातृभारती वेबसाइट

