- घर-घर में फैल रहा आई फ्लू का प्रकोप, हर कोई आहत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आई फ्लू ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। आई फ्लू के मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन है। फ्लू की चपेट में आने वालों से अस्पतालों में नेत्र रोग विशेषज्ञों के यहां भीड़ लगी हुई है। देखा जाए तो घर-घर आई फ्लू फैलता जा रहा है। अस्पतालों में भी मरीजों के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं है।
सामान्य मरीजों और फ्लू से ग्रस्त मरीजों को एक साथ ही देखा जाता है, जबकि दोनों के लिए व्यवस्था अलग होनी चाहिए।
इन दिनों आई फ्लू का कहर जारी है। घर-घर आई फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्कूलों में बच्चे फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक सभी फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। आंखे लाल होती है और पानी आना शुरू हो जाता है। समझ जाइए कि आंखों में फ्लू के लक्ष्य हो गए हैं।
इन दिनों फ्लू से ग्रस्त मरीजों से कांटेक्ट होने से भी यह ज्यादा बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ अत्यधिक हो रही है। नेत्र रोग विभाग में मरीजों की लंबी लाइन है। अधिकांश मरीज फ्लू से ग्रस्त आ रहे हैं। आलम यह है कि फ्लू की जांच के लिए तमाम दावे तो अस्पतालों में किए जा रहे है, लेकिन अलग से कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। आंखों के सामान्य मरीजों के साथ ही फ्लू के मरीजों की जांच हो रही है।

शासन ने अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, परंतु यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सामान्य मरीजों के साथ फ्लू के मरीजों की जांच करने से बीमारी रूकेगी या अधिक फैलेगी, इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या को बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई खास बंदोबस्त नजर नहीं आ रहे हैं। स्कूलों में कैंप तो लगा दिए गए, लेकिन गांवों में कैंप लगाना भूल गए हैं।
इस तरह फैलते हैं लक्षण
आंखों में होने वाले इंफेक्शन को आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। इसमें इंफेक्शन होने वाले व्यक्ति की आंख लाल हो जाती है। इसके साथ ही आंखों से पानी निकलता रहता है और सूजन आ जाती है। जिस कारण आंखों से साफ नहीं दिखता। चिकित्सकों की मानें तो किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो यह वायरस हो सकता है।
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाले आंसुओं के संपर्क में आने से संक्रमण बढ़ जाता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के खांसी के दौरान छींकने से भी संक्रमण फैल सकता है। एक दूसरे से हाथ मिलाने से भी फैलने का खतरा रहता है। इन दिनों यह भी हो रहा है कि सफर करते समय इंफेक्शन से ग्रस्त मरीज के हाथ लगने से भी वह फैल रहा है।
ऐसे करें बचाव
- थोड़ी-थोड़ी देर में ठंडे पानी से आंखों को धोते रहे।
- गुलाब जल से आंखों को धोने से इंफेक्शन कम हो जाता है।
- आंखों में जलन और खुजली होने पर दवा डालें।
- किसी भी तरह के साबुन से अपने चेहरे को न धोए।
- कभी भी हाथों से आंख न रगड़े।
- कभी भी बाहर से आने के बाद सबसे पहले अपना हाथ साफ करें।
- अगर आंखों में इंफेक्शन हो जाए तो चिकित्सक की सलाह लें।
- अपनी उपयोग की चीजें जैसे तौलिया और रूमाल किसी के साथ शेयर न करें।
- आंखों में इंफेक्शन होने पर चश्मे का प्रयोग करें, इसमें लेंस न लगाएं।
- इंफेक्शन होने के बाद घर पर ही रहें, बाहर जाने पर इंफेक्शन ज्यादा होने का खतरा हो जाएगा।
- थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथों की सफाई करें।
- आंखों के इंफेक्शन से पीड़ित व्यक्ति से आई कांटेक्ट बनाने से बचे।
- टीवी, मोबाइल से दूरी बनाकर रखे।

