- लाखों के नकली नोट बरामद हो चुके, दर्जनों लोग जा चुके जेल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वेस्ट यूपी में नकली नोटों का कारोबार पूरी तरह से पैर पसार चुका है। जिसको देखो वही नकली नोटों को बना कर खपाने में लगा हुआ है। तीन सालों में जनपद के विभिन्न स्थानों से पुलिस ने दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से लाखों रुपये के नकली नोट बरामद किये हैं। शासन, प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के बावजूद नकली नोट बाजार में दौड़ रहे हैं।
गत दो नवंबर 2020 को टीपीनगर पुलिस ने दिल्ली हाइवे स्थित वेदव्यासपुरी पुलिस चौकी के पास से फास्ट फूड की दुकान पर नकली नोट चलाते आजमपुर हुसैनपुर बुलंदशहर के सुनील कुमार पुत्र दशरथ को गिरफ्तार किया था। उसका दूसरा साथी श्रीकांत भागने में कामयाब हो गया था।
सुनील के पास से पुलिस ने एक लाख 97 हजार 200 रुपये के नकली नोट 27 हजार 200 रुपये के अद्धनिर्मित नोट और 50 हजार की नकदी बरामद की है। दूसरी घटना में पुलिस ने गंगानगर क्षेत्र में आॅपरेशन चलाया। सबसे पहले पुलिस ने नकली नोटों के साथ दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे में 500 रुपये के 10 नकली नोट और दो-दो सौ रुपये के 19 नकली नोट बरामद किए।
महिलाओं की निशानदेही पर पुलिस ने रॉबिन और सिकंदर नाम के दो शख्स को भी गिरफ्तार किया। आरोपी रॉबिन और सिकंदर के यहां पुलिस को नकली नोट का जखीरा मिला था। साथ ही जाली करेंसी बनाने का उपकरण भी बरामद हुआ है। इसी तरह परीक्षितगढ़ थाना पुलिस ने पांच लाख के जाली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
खरखौदा पुलिस ने हापुड़-बुलंदशहर हाइवे पर तीन आरोपियों को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में पतापुलिस ने इनकी निशानदेही पर गाजियाबाद में एक फोटोकॉपी की दुकान पर छापेमारी की। जहां कलर प्रिंटर के जरिए नकली नोट छापे जा रहे थे।
पुलिस ने मौके से दो लाख 62 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला कि यह आरोपी करीब एक लाख के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं। मिलेट्री इंटेलीजेंस की महत्वपूर्ण सूचनाओं के आधार पर पुलिस कई बार नकली नोटों के सौदागरों को पकड़ चुकी है।
ऐसे करें नकली नोटों की पहचान
बापू के फोटो को अगर हल्के शेड वाली जगह से तिरछा करके देखा जाए तो वाटर मार्क दिखाई देता है। नोट के बीच में हिंदी में भारत और आरबीआई लिखा होता है, जो सिक्योरिटी थ्रेड होता है। गांधी जी की तस्वीर के ठीक बराबर में माइक्रोलेटर्स में संख्या लिखी होती है। आरबीआई की सील और गवर्नर के हस्ताक्षर छूने में उभरे हुए महसूस होते है। 100 रुपये के नोट में ट्राइएंगल वाटर मार्क के बाईं तरफ होता है। नोट के नंबर भी अल्ट्रा वाइलेट लाइट में उभरे हुए दिखाई देते हैं।

