- दरोगा ने स्वाट टीम प्रभारी व स्थानीय पुलिस पर बनाया था शराब माफियाओं को छोड़ने का दबाव
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: एसपी ने शराब माफियाओं के रिश्तेदारों के संपर्क में होने, स्वाट टीम प्रभारी व चांदपुर पुलिस पर शराब माफियाओं को छोड़ने का दबाव बनाने के चलते महिला थाने में तैनात महिला दरोगा को पहले लाइन हाजिर किया और बाद में उसको निलंबित कर दिया है। इससे अपराधियों को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों में हड़कंम मच गया है।
चांदपुर पुलिस और स्वाट टीम ने मंगलवार को तीन शातिर शराब माफिया को लाखों रूपए की जहरीली अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में शातिर माफिया गोपी उर्फ टारजन निवासी गांव अमीरपुर थाना कोतवाली शहर और कुलदीप निवासी गांव समरिया थाना रोहतक समेत तीन को जेल भेजा था।
इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महिला थाने में तैनात दरोगा मीनाक्षी गुप्ता ने दो शराब माफियाओं को छुड़ाने के लिए स्वाट टीम प्रभारी और पुलिस पर दवाब बनाया था। महिला दरोगा ने मोबाइल पर कॉल कर स्वाट प्रभारी निरीक्षक को तरह-तरह की प्रलोभन दिए गए।
चालान के बाद मामला एसपी डा. धर्मवीर सिंह के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इसकी जांच कराई। प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया। इस पर एसपी ने बुधवार को दरोगा मीनाक्षी गुप्ता को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं देर रात उसको निलंबित कर दिया। इस प्रकरण की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि माफिया के कुछ लोग महिला दारोगा के संपर्क में थे।
‘महिला थाने में तैनात महिला दरोगा मीनाक्षी गुप्ता शराब माफियाओं की पैरोकारी कर रही थी। स्वाट टीम व स्थानीय पुलिस पर उनको छोड़ने का दबाव बना रही थी। प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया है। इसके लिए उसको निलंबित कर दिया गया है।’

