जनवाणी संवाददता |
तितावी: आज दरगाहें आलिया बघरा में वन महोत्सव मनाया गया। दरगाहें आलिया के महासचिव इमरान अली ने कहा कि वन महोत्सव लोगो को पेड़ो के प्रति जागरूक करता है, जंगली जानवरों और जंगल में रहने वाले जीवों पर वनों की कटाई के प्रभाव पर जोर देता है. 1950 से, वन महोत्सव हर साल जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान, 1 जुलाई से 7 जुलाई के बीच मनाया जाता है।
यह महत्वपूर्ण है कि भारत ने 2030 तक अतिरिक्त 2 बिलियन कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि एक शोध के अनुसार विगत सात वर्षों में भारत देश में जंगल के भीतर और बाहर वृक्षों का आवरण बढ़ा है और 15,000 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र भी बढ़ा है।
हमे समझना चाहिए कि पेड़ ऑक्सीजन देते है, वर्षा में सहायक होते है, खाद्य संसाधनों के उत्पादन में योगदान करते हैं, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हैं, वायु गुणवत्ता में सुधार करते हैं, जलवायु में सुधार करते हैं, पानी का संरक्षण करते हैं, मिट्टी का संरक्षण करते हैं, वन्य जीवन का समर्थन करते हैं, सूखे को कम करते हैं और मिट्टी के कटाव और प्रदूषण को रोकते हैं।
महासचिव ने कहा कहा कि राष्ट्रीय वन नीति के मुताबिक हमारे देश में 33 फीसदी वनों की उपलब्धता पर्यावरण के लिए अनुकूल होती है, जबकि हमारे केवल 24.5 फीसदी वन शेष बचे हैं।
इस बार प्रदेश सरकार ने वन महोत्सव के दौरान उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य गत वर्ष 2021 के मुकाबले 5 करोड़ अधिक है।
हमे पेड़ नही काटने चाहिए क्योंकि वनोन्मूलन के परिणामस्वरूप अक्सर विलोपन, जलवायु परिवर्तन, मरुस्थलीकरण, ग्लोबल वार्मिंग , शुष्कता, भूमि की बंजरता एवं विस्थापन जैसी प्रक्रियाएँ देखने को मिलती हैं। इस मौके पर इमरान अली, इंजीनियर आरिफ, मोहम्मद साकिब, बाबर अली आदि मौजूद रहे।