- कुशावाली गांव में पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: शनिवार को नाबार्ड समर्थित नीर आदर्श आॅर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सरधना द्वारा एपिडा की मदद से सीधे निर्यात हेतु बासमती धान की पहली खेप हरियाणा भेजी गई। इसी के साथ बासमती निर्यात करने वाला पहला एफपीओ बनने का गौरव प्राप्त हुआ। सरधना के कुशवाली गांव में चिराग कृषि फार्म से केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने हरी झंडी दिखाकर ट्रक को रवाना किया गया।
इस दौरान संजीव बालियान ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एफपीओ ने एक साल के अंदर 400 सदस्य बनाकर और यहां के किसानों के द्वारा पैदा किए गए बासमती को सीधे निर्यात करके देश में पहला उदाहरण पेश किया है। इससे देश के अन्य एफपीओ प्रेरणा लेकर विभिन्न कृषि उत्पादों का निर्यात शुरू करेंगे। उन्होंने एफपीओ को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं इसके विकास के लिए सरकार से पूर्ण सहयोग देने का वादा किया।

एफपीओ की सफलता में नाबार्ड, एपिडा, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार तथा अन्य सरकारी विभागों की भूमिका की सराहना की। एफपीओ को वित्तपोषण के साथ छमता निर्माण के लिए नाबार्ड के सहयोगी नैबकिसान फाइनेंस लिमिटेड द्वारा दिए गए 15 लाख रुपये का चेक मंत्री ने एफपीओ के चेयरमैन विनोद सैनी एवं डायरेक्टर नीरजा शर्मा को अपने हाथों से सौंपा। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के तहत सरधना ब्लॉक में बनाए गए बासमती के क्लस्टर के किसानों के द्वारा उत्पादित बासमती धान को हरियाणा की कंपनी के साथ पिछले 1 नवंबर को जिलाधिकारी कार्यालय में हुए करार के तहत प्रोसेस और पैक किया जाएगा
जिसके बाद इसे निर्यात किया जाएगा। निर्यात को कराने में बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान, एपिडा, भारत सरकार की प्रमुख भूमिका रही। फ्लैग आॅफ समारोह में मेरठ के मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार, कृषि संयुक्त निदेशक डॉ. अमरनाथ मिश्रा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, एपिडा के प्रधान वैज्ञानिक रितेश शर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद सिरोही, उप कृषि निदेशक बृजेश कुमार, वरिष्ठ मार्केटिंग इंस्पेक्टर कृषि विपणन बीपी सिंह, एसबीआई बैंक प्रबंध सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।

