जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई ने भी अपने विचार रखे। अपने संबोधन में गौरव गोगोई ने कहा कि दिल्ली में 1970 के मामले पर सरकार ने गुमराह किया है। दरअसल, किरेन रिजिजू ने कहा कि ‘दिल्ली में 1970 से मामला चल रहा है, जो सीजीओ कॉम्पलेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा हुआ है।
दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन पर भी दावा किया था, लेकिन यूपीए सरकार में 123 संपत्तियों को डी-नोटिफाइ करके वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया था। अगर आज यह संशोधन पेश नहीं करते तो ये संसद भवन पर भी वक्फ संपत्ति का दावा किया जा सकता था।’ हालांकि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोपों से इनकार किया और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
क्या बोले गौरव गोगोई?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने संबोधन में सवाल उठाया कि ‘क्या अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने ही यह विधेयक तैयार किया है या फिर इसे किसी अन्य विभाग ने तैयार किया है? ये विधायक कहां से आया है? आज देश में अल्पसंख्यकों की हालत ऐसी हो गई है कि आज सरकार को उनके धर्म का प्रमाण पत्र देना पड़ेगा…क्या वे दूसरे धर्मों से प्रमाण पत्र मांगेंगे कि आपने पांच साल पूरे किए हैं या नहीं? इस बिल में ऐसा क्यों पूछा जा रहा है? सरकार धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप क्यों कर रही है?’