जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए आईसीसी महिला चैम्पियनशिप श्रृंखला के तीसरे मैच के दौरान भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के व्यवहार को लेकर विवाद सामने आया था। आईसीसी आचार संहिता के दो अलग-अलग उल्लंघनों के आरोप में अगले दो इंटरनेशनल मैचों के लिए हरमनप्रीत को निलंबित कर दिया गया है।
ये हुई थी घटना, मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना
कौर ने भारत की पारी के 34 वें ओवर में स्पिनर नाहिदा अख्तर की गेंद पर स्लिप में कैच आउट दिए जाने के बाद विकेटों पर बल्ला मार दिया था। हरमन पर लेवल 2 के अपराध के लिए मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। उन्हें डिसिप्लेनरी रिकॉर्ड पर तीन डिमेरिट अंक दिए गए हैं।
आईसीसी ने कहा है कि उन्हें अंपायर के फैसले पर असहमति दिखाने और स्पोर्ट्स पर्सनल्स के लिए बनी आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। कौर पर इससे पहले सार्वजनिक आलोचना से संबंधित लेवल 1 के अपराध के लिए उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया था। ये जुर्माना मैच प्रजेंटेशन के दौरान अंपायरिंग की खुलेआम आलोचना करने को लेकर लगाया गया।
भारतीय कप्तान ने अपराध स्वीकार कर लिया और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के अख्तर अहमद द्वारा प्रस्तावित प्रतिबंधों पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी।
ये है आईसीसी आचार संहिता कानून
लेवल 2 के उल्लंघन में आम तौर पर खिलाड़ी की मैच फीस का 50 से 100 प्रतिशत तक जुर्माना और तीन या चार डिमेरिट अंक होते हैं, जबकि लेवल 1 के उल्लंघन में न्यूनतम जुर्माना आधिकारिक फटकार, अधिकतम जुर्माना खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत और एक या दो डिमेरिट अंक होता है। कौर के मामले में चार डिमेरिट पॉइंट दो सस्पेंशन पॉइंट्स में बदल दिए गए। जिससे उन्हें एक टेस्ट मैच या दो वनडे या दो टी20 से निलंबित कर दिया गया।
भारतीय टीम को लगा बड़ा झटका
भारतीय टीम इन दिनों आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों में जुटी है। ऐसे में हरमन पहले दो मैच नहीं खेल पाएंगी। भारतीय टीम अपनी आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। ऐसे में वह क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल दोनों नॉकआउट मैचों से चूक जाएंगी। यदि टीम आगे बढ़ती है तो वह केवल फाइनल, गोल्ड मेडल मैच ही खेल सकती हैं। हरमन के व्यवहार की पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने भी आलोचना की थी।