- निलंबन के तीन महीने बाद फिर पुरानी जगह अफसरों ने दे दी तैनाती
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: छापे में अवैध गर्भपात के तमाम सुबूत मिलने के बाद अफसरों द्वारा निलंबित की गई एएनएम को विभाग के अफसरों ने फिर उसी जगह बहाल कर तैनाती दे दी है।
बताया जा रहा है कि एएनएम फिर से अपने पुराने काम में जुट गई है। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों ने एएनएम पर गर्भपात की आड़ में मोटी रकम ऐंठने का आरोप लगाते हुए फिर शिकायत की है। निलंबन के बाद पुरानी जगह तैनाती देने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी कटघरे में है।
भदौड़ा गांव निवासी एएनएम सरूरपुर के जसड़ गांव में तैनात है। एएनएम ने रोहटा के मीरपुर गांव में भदौड़ा मार्ग पर एक ब्यूटी पार्लर खोलकर उसकी आड़ में अवैध अवैध सेंटर चलाने का आरोप था।
इस मामले में तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुधीर कुमार ने गत फरवरी माह में छापा मारकर कार्यवाही की थी। इसकी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी गई थी।
करीब दो महीने बाद एसीएमओ अशोक कुमार शर्मा ने मौके पर जांच पड़ताल की थी तो कई सुबूत मिले थे। मामला मीडिया में सुर्खियां बनीं जिसके चार महीने बाद एएनएम को निलंबित कर परीक्षितगढ़ में अटैच कर दिया गया था।
निलंबन के आदेश जारी होने के बाद भी एएनएम ने सरूरपुर सीएचसी के तहत जसड़ गांव में अपनी ड्यूटी नहीं छोड़ी और लगातार ड्यूटी करती रही।
आरोप है कि निलंबन के आदेश और परीक्षितगढ़ में अटैच किए जाने के निर्देश को दरकिनार करते हुए अफसरों ने दो महीने के भीतर उलट दिया।
इस मामले में अब फिर क्षेत्र के लोगों ने अफसरों से लिखित शिकायत करते हुए इस गोरखधंधे पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि ब्यूटी पार्लर की आड़ में फिर से उसी धंधे में लिप्त हो गई और मोटी रकम ऐंठ रही है।
इस संबंध में सरूरपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी जैसवाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले निलंबित करके परीक्षितगढ़ अटैच कर दिया गया था। लेकिन, अब उनकी बहाली अफसरों ने जिले से फिर वहीं दी है इसमें उनका कोई रोल नहीं है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी रोहटा अमर सिंह का कहना कि इस मामले में कोई जानकारी नहीं है और यदि उनके क्षेत्र में फिर से गोरख धंधा करके गर्भपात जैसा कार्य कर रही है तो वे इस मामले को जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे।

