- परिवहन निगम की बसों में चल रहा महाखेल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रोडवेज बसों में अवैध तरीके से माल ढुलाई और बिना टिकट सवारी के मामले सामने आते रहे हैं। परिवहन निगम की बसों में महाखेल चल रहा है। प्रदेश में कहीं भी कुछ भी सामान भेजना है तो बस कंडक्टर की मुट्ठी गरम कीजिए और आपका माल मंजिल तक पहुंचा दिया जाएगा। भले ही परिवहन निगम ने माल को पहुंचाने के लिए पार्सल की सेवा शुरू की है, लेकिन कंडक्टर सर्विस के सामने पार्सल सेवा बौनी साबित हो रही है।
लोग कंडक्टर से सेटिंग कर माल की डिलीवर प्रदेश भर में कर रहे हैं। कुछ रुपयों के लालच में नियम और रोडवेज पैसेंजर्स की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। बसों में अवैध तरीके से सामान की ढुलाई की जा रही है। जिम्मेदार भी इस ओर आंख बंद किए हुए हैं। रोडवेज को राजस्व का चूना लग ही रहा है।

रोडवेज बसों में माल ढुलाई बंद नहीं हो पाई है। उत्तर प्रदेश परिवन निगम की सभी बसों में यात्रियों की जगह अवैध रूप से माल ढोया जाता हे। बड़े-बड़े बोरे तक बसों में लाद दिये जाते हैं। जिससे बसों में सवारियों के बैठने तक जगह नहीं बचती है। यह कार्य अब से नहीं बल्कि सालों से चला आ रहा है, लेकिन विभाग की ओर से एक या दो बार ही अभियान चलाकर खानापूर्ति की जाती है।
यहां चालक और परिचालक विभाग को लगातार यह कार्य करके चूना लगाते हैं और कोई देखने वाला नहीं होता है। इन बसों में बोरों में कैसा माल होता है? इसकी जानकारी किसी को नहीं होती है। इससे कोई न कोई बड़ी घटना भी हो सकती है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
दिल्ली-उत्तराखंड की ओर जाने वाली बसों में ढोया जाता है माल
रोडवेज बसों में सबसे अधिक अवैध रूप से माल दिल्ली व उत्तराखंड से ढोया जाता है। दिल्ली में स्थित मार्किटों से लोग माल खरीदते हैं और फिर बड़े-बड़े बोरों में भरकर उसे रोडवेज बसों में लाद देते है। चालक उनके पैसे वसूलकर अपनी जैब भर लेते है। बस में माल लादने के कारण बस में सवार यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पाती।
वहीं, बस में लोड़ सामान के बड़े-बड़े बोरों में यह भी नहीं पता होता की उनके अंदर क्या है? यदि बोरों के अंदर लोगों को हानि पहुचाने वाली वस्तु पाई गई तो लोगों को भयानक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

