- हिस्ट्रीशीटर समेत 12 तस्कर गिरफ्तार, 210 ली. अवैध शराब बरामद
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: थाना चांदीनगर क्षेत्र के गांव चमरावल की घटना प्रकाश में आने के बाद गुरूवार को एएसपी के निर्देश पर पुलिस ने शराब तस्करों के विरूद्ध अभियान चलाया।
इस दौरान विभिन्न स्थानों से पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर समेत एक दर्जन शराब माफियाओं को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से करीब 210 लीटर हरियाणा व यूपी मार्का अवैध शराब पकड़ी है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों को जेल भेज दिया है। एएसपी के अनुसार शराब माफियाओं के विरूद्ध अभियान जारी रहेगा।
बताते चलें कि गांव चमरावल में गत गुरूवार को शराब पीने से पांच लोगों की मौत होने का मामला प्रकाश में आया था हालाकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की थी। इसके बाद लखनऊ तक हड़कम्प मच गया था। चमरावल की घटना के बाद एसपी के निर्देश पर जनपद में शराब तस्करों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने गुरूवार की रात अभियान चलाया।
इस दौरान थाना खेकड़ा पुलिस ने गोठरा से शराब तस्कर पवन निवासी घिटौरा व फखरपुर रोड से शाहरूख को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे 6 पेटी व 50 पव्वे हरियाणा मार्का देशी शराब बरामद की है। पवन थाना खेकड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और थाने की टॉप टेन की सूची में शामिल है।
थाना चांदीनगर पुलिस ने दिनेश व रोहताश निवासी चमरावल को पकड़ा है। पुलिस ने उनके कब्जे से 140 पव्वे यूपी मार्का अवैध शराब बरामद की है। कोतवाली पुलिस ने गौरीपुर से राहुल को चार पेटी तथा जीते को बली फाटक के पास से 72 पव्वे हरियाणा मार्का देशी शराब के साथ दबोचा है।
बड़ौत पुलिस ने शराब तस्कर पारूल व रामलाल तथा सुखदेव निवासीगण खेड़ा इस्लामपुर को चार पेटी हरियाणा मार्का देशी शराब के साथ पकड़ा है। इसके अलावा छपरौली पुलिस ने गांव कुर्डी से गुलाब को दो पेटी यूपी मार्का अवैध शराब के साथ पकड़ा है। पुलिस ने शराब तस्करों को विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है।
बड़े माफियों को नहीं पकड़ पा रही है पुलिस
पुलिस का अभियान केवल छोटी मछलियों तक ही सीमित रहता है , पुलिस बड़ी मछलियों पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाती है। जनपद में 11 शराब माफिया गिरोह पंजीकृत बताये गए हैं लेकिन अभियान के दौरान एक माफिया पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका । गुरूवार को अभियान के दौरान एक दर्जन शराब तस्कर गिरफ्तार किये हैं लेकिन इनमें एक भी नामचीन तस्कर शामिल नहीं है। यानिकि वह सभी छोटे मोटे तस्कर हैं। जब भी शराब माफियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलता है तो पुलिस के निशाने पर यह छोटे तस्कर की रहते हैं। बड़ें शराब तस्करों अथवा शराब मापियाओं पर पुलिस कभी हाथ नहीं डालती है।

