जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली इस सप्ताह वैश्विक तकनीकी जगत के सबसे बड़े आयोजनों में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की मेजबानी करने जा रही है। 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला यह समिट भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन समेत कई प्रमुख स्थलों पर आयोजित किया जाएगा।
ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस के बाद इस साल भारत को इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच की मेजबानी मिली है, जिसे देश की बढ़ती तकनीकी ताकत और वैश्विक बाजार में उसकी अहमियत के रूप में देखा जा रहा है।
100+ देशों की भागीदारी, 300 से ज्यादा कंपनियां
समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। साथ ही, 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने अत्याधुनिक एआई प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस का प्रदर्शन करेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समिट में टेक लीडर्स और विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे। आयोजन के तहत एक विशाल एक्सपो भी लगेगा, जो 70,000 वर्ग मीटर में फैला होगा। अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
टेक जगत की दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल?
समिट में वैश्विक टेक इंडस्ट्री के कई बड़े नाम शिरकत करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
सुंदर पिचाई, सीईओ गूगल एवं अल्फाबेट
सैम ऑल्टमैन, सीईओ ओपनएआई
बिल गेट्स, चेयर गेट्स फाउंडेशन
मुकेश डी अंबानी, चेयरमैन रिलायंस इंडस्ट्रीज
सर डेमिस हैसबिस, सीईओ गूगल डीपमाइंड
योशुआ बेंगियो, संस्थापक मिला
डारियो अमोडेई, सीईओ एंथ्रोपिक
क्रिस्टियानो आमोन, सीईओ क्वालकॉम
ब्रैड स्मिथ, प्रेसिडेंट माइक्रोसॉफ्ट
जूली स्वीट, सीईओ एक्सेंचर
एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन टाटा संस
के. कृतिवासन, सीईओ टीसीएस
सलील पारेख, सीईओ इंफोसिस
नीकेश अरोड़ा, सीईओ पालो ऑल्टो नेटवर्क्स
शांतनु नारायण, सीईओ एडोबी
हालांकि, जेन्सन हुआंग ने अंतिम समय में अपना दौरा रद्द कर दिया है।
राजनीतिक स्तर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा सहित करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल होंगे।
भारत क्यों बन रहा है टेक हब?
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने खुद को वैश्विक टेक और एआई इकोसिस्टम के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। सरकार ने 18 अरब डॉलर से अधिक के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिससे देश में चिप निर्माण और सप्लाई चेन मजबूत हो सके।
Microsoft ने भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 17.5 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। वहीं डेटा सेंटर्स को 21 साल की टैक्स छूट देने जैसी नीतियों से Nvidia और अन्य वैश्विक कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।
OpenAI और Anthropic जैसी एआई कंपनियों ने भारत में अपने संचालन को विस्तार दिया है, जबकि Google शिक्षा क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए साझेदारियां कर रही है।
आम लोगों और किसानों की भागीदारी
समिट केवल बंद कमरे की बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। एक्सपो में किसानों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नवाचारकर्ताओं को भी जोड़ा गया है, ताकि एआई के व्यावहारिक उपयोग को सीधे समाज तक पहुंचाया जा सके।
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को भारत की तकनीकी ताकत और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

