जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार पिछले साल की तुलना में अब बेहतर स्थिति में पहुंच गया है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, आय (Earnings) चक्र अपने निचले स्तर से उभरता नजर आ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप रहे हैं और कमाई में कटौती की तीव्रता घटने लगी है।
कमाई चक्र में दो अंकों की वृद्धि की संभावना
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, भारतीय बाजार का कमाई चक्र अपने निचले स्तर पर पहुंच चुका है और आने वाले समय में इसमें दो अंकों की वृद्धि (Double-Digit Growth) की संभावना है। वैल्यूएशन भी वर्तमान में संतुलित बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी 21.4 गुना आय (Earnings Multiple) पर कारोबार कर रहा है, जो इसके दीर्घकालिक औसत 20.8 गुना के करीब है।
सरकारी नीतियों से कॉर्पोरेट आय को बल मिलने की उम्मीद
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की ओर से किए जा रहे संरचनात्मक सुधार और नीतिगत पहलों से कॉर्पोरेट आय में सुधार की संभावना बढ़ी है। साथ ही, वैश्विक टैरिफ गतिरोध का समाधान भारतीय बाजार के लिए एक अहम बाहरी उत्प्रेरक (External Catalyst) साबित हो सकता है।
मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में ऊंचे वैल्यूएशन
हालांकि, रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे हैं। इसके बावजूद, मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि वह अपने पोर्टफोलियो में उच्च विश्वास वाले चुनिंदा मिड और स्मॉल-कैप (SMID) शेयरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर
वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में निफ्टी की 27 कंपनियों के संयुक्त प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि इन कंपनियों की
बिक्री में 9%
EBITDA में 8%
PBT में 5%
और PAT (शुद्ध लाभ) में 5% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई — जो अनुमानों से बेहतर रही।
इनमें से 5 कंपनियों ने अपने शुद्ध लाभ अनुमान को 5% से अधिक बढ़ाकर पार किया, जबकि 7 कंपनियां अनुमान से नीचे रहीं। EBITDA के मोर्चे पर 6 कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और 3 कंपनियां पीछे रहीं।
इन कंपनियों ने निफ्टी की कमाई पर डाला दबाव
रिपोर्ट के मुताबिक, कोल इंडिया, एक्सिस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), कोटक महिंद्रा बैंक और ईटरनल जैसी कंपनियों के नतीजे निफ्टी की कुल कमाई पर दबाव डालने वाले साबित हुए। कुल 27 कंपनियों में से 7 कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर, 5 कंपनियों के बेहतर, और 15 कंपनियों के परिणाम अनुमान के अनुरूप रहे।
बता दें कि, कुल मिलाकर, रिपोर्ट से संकेत मिलते हैं कि भारतीय शेयर बाजार धीरे-धीरे स्थिर हो रहा है और कमाई चक्र (Earnings Cycle) में सुधार का दौर शुरू हो चुका है। आने वाले महीनों में यदि सरकारी नीतियों का समर्थन जारी रहा, तो बाजार में संतुलित विकास और निवेश अवसरों में इज़ाफ़ा देखने को मिल सकता है।

