जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर की जा रही कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 2,571 हो गई है। यह दावा अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बुधवार को किया। मानवाधिकार संगठन के अनुसार, मृतकों में 2,403 प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जबकि 147 लोग सरकार से जुड़े बताए गए हैं। इसके अलावा, अब तक 12 बच्चों की मौत की भी पुष्टि की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 18,100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। यह आंकड़ा हाल के वर्षों में ईरान में हुए किसी भी आंदोलन की तुलना में सबसे ज्यादा बताया जा रहा है।
रेजा पहलवी का भावुक संदेश
ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दुनिया अब न सिर्फ उनकी आवाज सुन रही है, बल्कि उसका जवाब भी दे रही है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका के राष्ट्रपति का संदेश इस बात का संकेत है कि मदद रास्ते में है। पहलवी ने लोगों से संघर्ष जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि इस सरकार को यह भ्रम न फैलाने दिया जाए कि हालात सामान्य हैं। उन्होंने इसे ‘नरसंहार’ करार देते हुए दोषियों को सजा दिलाने की बात कही।
ट्रंप की चेतावनी, अमेरिकी नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “मदद आ रही है।” उन्होंने ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कार्रवाई किस तरह की होगी। ट्रंप ने कहा कि अगर फांसी दी गई, तो दुनिया कुछ ऐसा देखेगी जो पहले कभी नहीं देखा गया।
ईरान का पलटवार, ट्रंप और नेतन्याहू पर आरोप
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी करते हुए ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि ईरान के लोगों के “मुख्य हत्यारे” ट्रंप और नेतन्याहू हैं।
कतर ने की शांति की अपील
ईरान में जारी अशांति के बीच मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच कतर ने हालात को शांत करने की अपील की है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत के बाद कहा कि दोहा तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान की सभी कोशिशों का समर्थन करता है।
व्यापारिक देशों को टैरिफ की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को “सच्चे देशभक्त” बताया। वहीं, रूस ने अमेरिका की इस नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि ईरान के आंतरिक मामलों में दखल और सैन्य धमकियां स्वीकार्य नहीं हैं।
आज हो सकती है पहली फांसी
ईरानी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा देने की घोषणा के बाद अब पहली फांसी की आशंका जताई जा रही है। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी देने का फैसला किया गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इरफान को आज ही फांसी दी जा सकती है।

