Saturday, February 14, 2026
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एमडीए वीसी ने टेंडर किया निरस्त

  • टेंडर के घालमेल को लेकर ‘जनवाणी’ ने किया था समाचार प्रकाशित
  • शासन के नियमों का हो रहा था उल्लंघन
  • एडवांस में बना दी दीवार, अब टेंडर पर सवाल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एमडीए ने गंगानगर स्थित अब्दुल्लापुर में एक दीवार का बिना टेंडर किए ही प्राधिकरण इंजीनियरों ने निर्माण करा दिया। दीवार का निर्माण होने के बाद अब उसका टेंडर लगाया गया था, जिसको लेकर आपत्ति हो गई है। हाईकोर्ट में भी ये मामला चल रहा हैं, जिसमें जमीन को लेकर किसान हाईकोर्ट गए हुए हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने यह टेंडर निरस्त कर दिया है।

बड़ा सवाल यह है कि जब शासन ने एडवांस कार्य कराने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है तो फिर बिना टेंडर कराए एडवांस में दीवार का निर्माण कैसे करा दिया गया? दीवार का निर्माण कराने से पहले ही टेंडर क्यों नहीं कराया गया? इसी घालमेल को लेकर ‘जनवाणी’ ने समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए इस निर्माण के टेंडर को निरस्त कर दिया।

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ये टेंडर 8-8 लाख के दो टेंडर दीवार निर्माण के लिए लगाए गए थे, जिसमें एक ही कंपनी ने अलग-अलग नाम से आॅनलाइन तीन टेंडर डाले हैं, जबकि दो अन्य कंपनियों ने भी टेंडर डाले थे। इसको लेकर टेंडर को लेकर कंपटीशन हो गया, जिसके बाद टेंडर मैनेज करने के लिए कुछ लोग लगे हुए थे, जिसके बाद बखेड़ा खड़ा हो गया और टेंडर प्रक्रिया की शिकायत तक टेंडर में भागीदारी करने वाली कंपनियों के मालिकों ने शिकायत कर दी, जिसके बाद ही प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने टेंडर को निरस्त करने के आदेश कर दिए।

फिलहाल टेंडर निरस्त हो गया है। मौके पर दीवार भी बनी हुई हैं। प्लास्टर भी दीवार पर कराया जा चुका हैं। उधर, एक्सईएन अरुण शर्मा का कहना है कि ये टेंडर हाईकोर्ट में मामला होने के कारण निरस्त कर दिया गया हैं। आगे जो भी आदेश होंगे, उसका पालन किया जाएगा।

इंजीनियरों की मेहरबानी एमडीए वीसी की नजर में

अवैध निर्माणों को लेकर जो इंजीनियर निर्माणकर्ता पर मेहरबान है, वो एमडीए वीसी की निगाह में आ गए हैं। ऐसे इंजीनियरों पर कार्रवाई हो सकती है। हाल ही में प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने एक अनुचर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था तथा दो अनुचर का कम्प्यूटर आॅफिस में अटैचमेंट कर दिया। जिस अनुचर को निलंबित किया गया है उस अनुचार का आॅडियो टैप वायरल हो रहा है, जिसके बाद ही प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने अनुचर राजेंद्र शाह पर कार्रवाई की है।

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यही नहीं, प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने उसकी जांच एक्सईएन निरंकार तोमर को सौंप दी है। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़ी कार्रवाई भी अनुचर के खिलाफ की जा सकती है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष दो टूक कह चुके हैं कि प्राधिकरण में जीरो टोलरेंस नीति पर काम होना चाहिए। इसके बावजूद अनुचर बाज नहीं आ रहे हैं। अब प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलने के बाद कार्रवाई आरंभ कर दी हैं। इस कार्रवाई के बाद प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है।

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