डीएम अनिल ढींगरा ने दिए संकेत, दोषियों के विरूद्ध होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने पूरे मामले की गम्भीरता से जांच के लिए बनाई कमेटी
जनवाणी ब्यूरो |
मेरठ: मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक लापरवाही के चलते दो कोरोना पॉजिटिव मृतकों के शव की अदला बदली कर दी गई है। ऐसा पता चला है कि उनमें से एक डेड बॉडी का दूसरे परिजनों ने अंतिम संस्कार भी कर दिया है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की डेड बॉडी बदलने की खबर से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
खबर मिलते ही जिलाधिकारी अनिल ढींगरा एक्शन मोड में आते हुए फौरन जांच कमेटी का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने बताया है कि मामला गम्भीर है इसमें जिसकी भी लापरवाही मिलेगी कार्रवाई तय है।
कोरोना पॉजिटिव मृतकों की डेड बॉडी बदले जाने की सूचना प्रदेश सरकार को मिलते ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर ली है।
मेडिकल कॉलेज की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गाजियाबाद जिले के मोदीनगर निवासी कोरोना पॉजिटिव मरीज की डेड बॉडी मेरठ निवासी कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों को सौंप दी गई और उनके परिजनों ने डेड बॉडी का अंतिम संस्कार भी कर दिया है। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे।
खबर मिली है कि मेरठ निवासी यशपाल सिंह और गाजियाबाद जिला अंतर्गत मोदीनगर के गुरबचन सिंह कोरोना पॉजिटिव थे इनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था।
इन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की आज रविवार को अचानक मौत हो गई। इसके बाद मेडिकल प्रशासन ने सरकारी कार्रवाई पूरा करने के बाद डेड बॉडी को उनके परिजनों को सौंप दिया मगर, मोदीनगर निवासी कोरोना पॉजिटिव मृतक गुरबचन सिंह की डेड बॉडी को मेरठ निवासी कोरोना पॉजिटिव मृतक यशपाल सिंह के परिजनों को सौंप दी गई और उन्होंने आनन फानन में डेड बॉडी का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
वीडियो संदेश में बोले डीएम अनिल ढींगरा
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजकुमार मेडिकल कॉलेज पहुंच चुके हैं। घटनाक्रम को लेकर कोविड आइसोलेशन इंचार्ज डॉक्टर सुधीर राठी से पूछताछ की जा रही है। वहीं दूसरी ओर मेडिकल के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुमार ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
मोदीनगर निवासी मृतक के परिजनों ने इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस कार्रवाई की बात कही है।
पूरी खबर आने का इंतजार है…..


बड़ी लापरवाही