- महज 12 प्रतिशत कार्य हो पाया पूरा, मेरठ कैंट सबसे फिसड्डी, मेरठ दक्षिण सबसे टॉप पर
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: मतदाता पहचान पत्र से आधार कार्ड लिंक करने के कार्य में बीएलओ द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। अभी तक मतदाता पहचान पत्र से आधार कार्ड लिंक करने के चल रहे कार्य में जिले की सात विधानसभा में मेरठ कैंट विधानसभा सबसे फिसड्डी चल रही है। जबकि मेरठ दक्षिण में लगभग 14% काम पूरा करके रिकॉर्ड बनाते हुए पहले नंबर पर है।
आधार से मतदाता पहचान पत्र लिंक कार्य में स्थिलता बर्ते जाने को लेकर जिलाधिकारी ने भी नाराजगी जाहिर की है। वही नए वोट बनाने को लेकर भी कार्य बहुत धीमा किया जा रहा है जिसे लेकर अधिकारियों ने असंतोष जाहिर किया है।
अगस्त माह से शुरू हुए मतदाता पहचान पत्र से आधार लिंक कराने के काम में घोर लापरवाही और स्थिलता बढ़ती जा रही है।
जिले की सातों विधानसभा क्षेत्र में अभी तक एक भी विधानसभा क्षेत्र में लगभग एक पखवाड़े से भी अधिक का समय बीतने के बावजूद 20% तक का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। बीएलओ कर्मचारी द्वारा बरती जा रही लापरवाही और हीला हवाली से मेरठ जिला और जिलों की तुलना में फिसड्डी रह गया है।
यहां सातों विधानसभा की स्थिति पर यदि नजर डाले तो अभी तक सर्वाधिक लगभग 14% मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदाता पहचान पत्र से आधार लिंक कराने का कार्य पूरा हो पाया है। जबकि इसके विपरीत सबसे फिसड्डी इस काम में मात्र 10% मेरठ कैंट विधानसभा ने यह कार्य हो पाया है।
रिश्ता तो विधानसभा की स्थिति पर नजर डालें तो सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में 10.10%, सरधना विधानसभा 11.50%, हस्तिनापुर विधानसभा 11.6%, किठौर 12.25% विधानसभा, मेरठ शहर 11. 33% का मतदाता पहचान पत्र से आधार सीडिंग का कार्य हो पाया है। इस तरह से मेरठ जिले में ही मात्र 12% हो पाया है। यह आंकड़े 29 अगस्त 2022 तक के मुहैया कराए गए।
जिनमें अभी मेरठ आसपास के जनपद में फिसड्डी चल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक मेरठ जिले में 29 अगस्त तक 2631100 मतदाताओं में से महज 29989 मतदाताओं के फार्म 6बी भरकर पहचान पत्र से आधार कार्ड लिंक करने का काम ही हो पाया है।
इसे लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा द्वारा नाराजगी जाहिर करते हुए कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा नई वोट बनाने की प्रक्रिया मेरी धीमी गति अपना ही जा रही है। जबकि स्थानीय निकाय चुनाव में महज दो माह का ही समय बचा है।
पहचान पत्र से आधार लिंक में मतदाता नहीं ले रहे रुचि
मतदाता पहचान पत्र से आधार कार्ड लिंक कार्य करने में लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर आधार लिंक कराने के बावजूद मतदाता कम रुचि दिखा रहे हैं। यही नहीं प्रत्येक रविवार को लगने वाले बूथ पर भी बहुत कम प्रतिशत में मतदाता आधार से पहचान पत्र लिंक का काम कराने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे यह काम लगातार बिछड़ता जा रहा है। ज्यादातर बीएलओ का यही तर्क अधिकारियों को दिया जा रहा है।