Saturday, February 14, 2026
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Saharanpur News: मर्द और औरत का एक साथ कसरत करना शरीयत के खिलाफ: कारी इसहाक गोरा

प्रसिद्ध देवबंदी उलेमा ने कहा, पर्दा छोड़ा तो समाज में फैलता है पाप और अव्यवस्था

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: प्रसिद्ध देवबंदी आलिम और जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने जिम और आधुनिक कसरत के चलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शरीयत में पर्दे का हुक्म सिर्फ औरतों के लिए नहीं, बल्कि मर्दों के लिए भी है। अगर समाज में पर्दे की हिफाजत छोड़ी जाती है तो इसका नतीजा पाप और अव्यवस्था के रूप में सामने आता है।

कारी इसहाक गोरा ने एक वीडियो जारी कर मुसलमानों को शरीयत और इस्लामी उसूलों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि इस्लाम में सेहत का ख्याल रखना बेहद अहम है, क्योंकि मजबूत और तंदरुस्त ईमान वाला मुसलमान अल्लाह को ज्यादा पसंद है। लेकिन मौजूदा दौर में जिम का चलन जिस तरह मर्दों और औरतों को एक साथ लाकर खड़ा कर रहा है, वह शरीयत के सख्त खिलाफ है।

“आधुनिकता के नाम पर न करें शरीयत का उल्लंघन”

मौलाना ने कहा कि आज के लोग इसे ‘आधुनिक जमाना’ कहकर गर्व महसूस करते हैं, लेकिन यह गर्व अज्ञानता और धार्मिक लापरवाही पर आधारित है। उन्होंने साफ किया कि आधुनिक होना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन धार्मिक नियमों को तोड़कर आधुनिकता के नाम पर गलत चीजों को सही ठहराना न तो समझदारी है और न ही इस्लाम की आत्मा के अनुसार।कारी इसहाक गोरा ने मुसलमानों को नसीहत दी कि वे शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ ईमान और आत्मा की तंदुरुस्ती का भी ख्याल रखें।

उन्होंने कहा कि इंसान का दिल और आत्मा जब तक इस्लामी सिद्धांतों से जुड़ा रहेगा, तभी असली सफलता और तंदरुस्ती हासिल हो सकेगी।कारी गोरा के इस बयान के बाद सहारनपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दे से जोड़ रहे हैं। हालांकि कारी गोरा ने दोहराया कि शरीयत के बुनियादी उसूलों पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

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