Wednesday, January 26, 2022
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राज्यमंत्री का विरोध: किसान चौपाल में आए थे राज्यमंत्री, भाकियू ने दिखाए काले झंडे

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/सरधना: सोमवार को दबथुवा गांव में भाजपा की किसान चौपाल में शामिल होने पहुंचे राज्यमंत्री संजीव सिक्का का भाकियू नेताओं और कुछ किसानों ने जमकर विरोध किया। उन्होंने कार्यक्रम का बैनर जला दिया। इतना ही नहीं राज्यमंत्री को काले झंडे दिखाते हुए जमकर नारेबाजी की।

राज्यमंत्री ने कार्यक्रम में कृषि कानून के फायदे बताए तो विरोध कर रहे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने बामुश्किल भीड़ को संभाला। राज्यमंत्री ने विरोध कर रहे लोगों से बात करने की कोशिश की। मगर हंगामे के चलते संवाद नहीं हो सका। विरोध के चलते कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम को समाप्त कर दिया गया।

दरअसल सोमवार को दबथुवा गांव स्थित श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के परिसर में भाजपा की किसान चौपाल आयोजित की गई थी। जिसमें मुख्य अतिथि उपभोक्ता सहरकारी संघ के मंत्री संजीव सिक्का थे। भाकियू नेताओं को इसका पता चला तो वह कुछ किसान औन नौजवानों के साथ कॉलेज के बाहर पहुंच गए। उन्होंने कार्यक्रम के बैनर को आग लगा दी और गेट बंद कर दिया।

नारेबाजी करते हुए गेट के सामने धरने पर बैठ गए। सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की। मगर बात नहीं बन सकी। राज्यमंत्री के आते ही भाकियू नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। लोग पुलिस से भी नहीं रुके और कार्यक्रम स्थल के पास तक पहुंच गए। उधर, राज्यमंत्री कृषि कानून के फायदे गिना रहे थे और दूसरी तरफ सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी।

इतना ही नहीं जमकर काले झंडे भी लहराए। विरोध को देखते हुए कार्यक्रम कुछ ही मिनटों में समाप्त कर दिया गया। राज्यमंत्री ने विरोध कर रहे लोगों से बात करने की कोशिश की। मगर हंगामे के चलते बात नहीं हो सकी। जिस पर राज्यमंत्री वहां से निकल गए।

कुल मिलाकर कार्यक्रम विरोध की भेंट चल गया। वहीं, इस संबंध में संजीव सिक्का, मंत्री उपभोक्ता सहकारी संघ का कहना है कि कृषि कानून किसानों के हित में है। चंद युवक हंगामा कर रहे थे। वह भी अपने ही बच्चे हैं। हंगामे में विपक्षी पार्टियों का हाथ शामिल है।

आज विपक्षियों पर कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए किसानों को गुमराह करके अशांति फैलाई जा रही है। उधर, मोहित शर्मा, कार्यक्रम आयोजक का कहना है कि कार्यक्रम का चंद लोग ही विरोध कर रहे थे। जिसमें रालोद के लोग शामिल थे। इसके अलावा कुछ लोगों ने शराब पी रखी थी, जो अनावश्यक हंगामा करने की कोशिश कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री संजीव सिक्का का जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने किसानों को कृषि कानून के फायदे भी बताए। कार्यक्रम पूरी तरह से सफल रहा है।

कार्यक्रम में भिड़े भाजपा नेता, खूब हुई जूतम-पैजार

भाजपा हाईकमान हर रोज पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहने का पाठ पढ़ा रही हैं, मगर इसके बाद भी पार्टी नेता आपस में भिड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही नहीं, सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं के बीच जूतम पैजार हो रही है।

ऐसी ही एक घटना रविवार को सतवाई में आयोजित भाजपा के एक कार्यक्रम में हुई है। चौधरी इलम सिंह इंटर कॉलेज में भाजपा के नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत समारोह था। स्वागत समारोह में बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह समेत तमाम भाजपा नेता मौजूद थे। कार्यक्रम आरंभ हो गया था, लेकिन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी का अध्यक्षीय भाषण नहीं कराने पर बवाल खड़ा हो गया। देखते ही देखते भाजपा नेता आपस में भिड़ गए।

जिलाध्यक्ष अनुज राठी व उनके समर्थक कार्यक्रम आयोजकों के साथ भिड़ गए। जिला भाजपा महामंत्री शर्माजीत जाटव ने भी खूब हंगामा काटा। बात बढ़ती चली गयी। भाजपा की मीटिंग में ऐसा तमाशा देख मीटिंग में आयी लोग भी हैरान दिखे। क्योंकि भाजपा के मंच पर ही पूरा बवाल हुआ।

एक-दूसरे की टांग खिंचाई व कपड़े तक फाड़ दिये। हालांकि इस पूरे प्रकरण पर भाजपा ने लीपापोती करने का प्रयास किया। क्योंकि जिस तरह का भाजपा की मीटिंग में नेताओं के बीच तमाशा हुआ, ऐसा कभी पहले नहीं हुआ था। भाजपाइयों के बीच हुई जूतम-पैजार की घटना भाजपा के वेस्ट यूपी के पदाधिकारियों के पास भी पहुंच गई हैं। इसको लेकर बयान कोई नहीं दे रहा हैं, मगर इसमें माना यह जा रहा है कि निश्चित रूप से बवाल करने वालों पर पार्टी के शीर्ष नेता गाज अवश्य ही गिरा सकते हैं।

क्योंकि जनता के बीच में जो भी तमाशा हुआ, उससे भाजपा की खासी किरकिरी हुई है। इसी तरह का विवाद पहले हस्तिनापुर में भी मंच से हो चुका है। वहां भी भाजपा के जिला स्तर के दो पदाधिकारी आपस में भिड़ गए थे। यह हाल उस पार्टी का है,जो देश की नंबर वन पार्टी है। पार्टी में अनुशासित रहने का कार्यकर्ताओं व नेताओं को पाठ पढ़ाया जाता है, मगर फिर भी भाजपा के कुछ नेता बाज नहीं आ रहे हैं।

मामूली हुआ था विवाद

कार्यकर्ताओं में मामूली विवाद हुआ था। ऐसी कोई बात नहीं है। अध्यक्षीय भाषण को लेकर कोई बात नहीं है। फिर अध्यक्षीय भाषण हुआ है, वो भी बाद में हुआ है। विवाद हुआ था, वो खत्म हो गया।
-अनुज राठी, जिलाध्यक्ष भाजपा

पार्टी नेताओं के बीच हुआ था विवाद

सतवाई में हुए कार्यक्रम में पार्टी नेताओं के बीच विवाद हुआ हैं, लेकिन जब विवाद हुआ तब वो कार्यक्रम से चले गए थे। अध्यक्षीय भाषण को लेकर कोई बात हुई हैं, जिसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। क्योंकि मुझे दूसरे कार्यक्रम में जाना था,इसलिए मैं भाषण देने के बाद चला गया था। -सत्यपाल सिंह, सांसद, बागपत

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