- मार्च के अंतिम सप्ताह में क्लॉजिंग शुरू हुई तब हुआ खुलासा, दी तहरीर
- हैंडलिंग ई-पाश मशीन गुम या फिर जानबूझकर की गई, किसी बडेÞ भ्रष्टाचार को दबाने की आ रही ‘बू’
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम के एक संविदा कर्मी ने बुधवार को थाना देहली गेट पर टैक्स हैंडलिंग ई-पाश मशीन के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी। मार्च के अंतिम सप्ताह में क्लॉजिंग चल रही है। इसमें उस हैंडलिंग ई-पाश मशीन में कितना कलेक्शन जमा हो सका था। उसकी जरूरत पड़ी तो मामले का खुलासा हुआ। चर्चा है कि करीब एक माह से हैंडलिंग ई-पाश मशीन गायब है,
लेकिन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने की जगह मामले को दबाए रखा गया, लेकिन मार्च में क्लॉजिंग पर हैंडलिंग ई-पाश मशीन की जरूरत पड़ी तो तब जाकर मजबूरी में थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने को निगम द्वारा संविदा कर्मी से तहरीर दिलवाने की बात सामने आई।
नगर निगम में टैक्स वसूली, जमा करने के लिये काउंटर बना है। वहीं, कुछ वार्डों में घर-घर जाकर टैक्स कलेक्शन, हैंडलिंग ई-पाश मशीन द्वारा कलेक्शन किया जाता है। नगर निगम में 90 वार्ड हैं और करीब 40 हैंडलिंग ई-पाश मशीन हैं। जिसमें से 18 मशीनें अधिकारी वर्ग एवं 22 मशीनें निगम एवं संविदा कर्मियों के पास हैं। जिसके द्वारा टैक्स का कलेक्शन घर-घर जाकर किया जाता है।
इसी वार्ड-38 की हैंडलिंग ई-पाश मशीन करीब एक माह पूर्व गायब हो गई। जिसको निगम द्वारा गंभीरता से नहीं लिया और उसे दबाए रखा, लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह में क्लॉजिंग शुरू हुई तो जब कलेक्शनकर्ता से हैंडलिंग ई-पाश के बारे में जानकारी की गई तो उसने उसे गायब होने की बात कही। जिसके बाद थाना देहली गेट में मशीन के गुम होने की तहरीर दी गई। मामले को लेकर निगम में हड़कंप मच गया है कि हैंडलिंग ई-पाश मशीन वास्तव में गुम हुई है या फिर जानबूझकर किसी बडेÞ भ्रष्टाचार के मामले को दबाने के लिये इस तरह से किया गया है।
इस मामले में कर अधीक्षक राजेश सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि हाल ही में हैंडलिंग ई-पाश मशीन गुम हुई है। एक माह पूर्व मशीन के गायब होने की बात गलत है। इस मामले में थाना देहली गेट में गुमशुदगी दर्ज करा दिए जाने को तहरीर दी गई है। वहीं, थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में निगम के सक्ष्म अधिकारी द्वारा तहरीर न देकर एक संविदा कर्मचारी द्वारा दी गई थी। जिसके बाद दोबारा से जो तहरीर निगम के अधिकारियों की तरफ से दी जायेगी। उसके आधार पर ही मामले में लिखापढ़ी की जायेगी।

