Saturday, April 17, 2021
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कोरोना की मार: नजीबाबाद डिपो का कलेक्शन घट रहा एक लाख रुपए प्रतिदिन

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  • हरिद्वार के लिए 6 चक्कर के स्थान पर चार चक्कर ही लगा पा रही बसें
  • महाकुम्भ में आय बढ़ने की थी उम्मीद, पर उत्तराखंड में सख्ती से घट रहा लोड फैक्टर

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: कोरोना की मार का असर नजीबाबाद डिपो पर भी पड़ रहा है। डिपो का कलेक्शन एक लाख रुपए प्रति दिन घट रहा है। क्योंकि हरिद्वार के लिए 6 चक्कर के स्थान पर बसें चार चक्कर ही लगा पा रही हैं।जबकि महाकुम्भ में आय बढ़ने की निगम को उम्मीद थी, पर उत्तराखंड में सख्ती से लोड फैक्टर घटता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के नजीबाबद डिपो को कुंभ मेला हरिद्वार के दौरान होने वाली आय से कोरोना काल में ठप्प पड़े परिवहन की आय की भरपाई पूरी होती नहीं दिख रही है जिसका मुख्य कारण उत्तराखंड में प्रवेश के दौरान सीमा पर ही बसों को रोककर यात्रियों की कोरोना जांच में एक से 2 घण्टे लगने की वजह से डिपो की बसों के फेरे घट रहे हैं।

नजीबाबाद डिपो पूर्व में हरिद्वार में हुए अर्ध कुंभ तथा महाकुंभ मेलों के मौके पर बेहतर कमाई करता रहा है। इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण नजीबाबाद से होकर गुजरने वाली काफी ट्रेनों का आवागमन बंद है। देश भर में कोरोनाकाल में लगे लाकडाउन के समय मे नजीबाबाद डिपो की भी बसों का संचालन ठप्प रहा। अनलाक के बाद कुछ बसों का संचालन शुरु किया जा सका।

कोरोना काल में स्थानीय डिपो के बेड़े में शामिल उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम तथा अनुबंधित कई बसों को यात्री न होने के चलते रोड टैक्स बचाने के उद्देश्य से सरेंडर कर दिया गया था। पूर्व में स्थानीय रोडवेज डिपो कुंभ मेले के दौरान बड़ी संख्या में नजीबाबाद से हरिद्वार के बीच बसों का संचालन करता रहा है।

इस बार भी नजीबाबाद डिपो ने अपनी 40 बसों को नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर यात्रियों को सफर कराने के लिए संचालित किया है। हालांकि देश में कोरोना संक्रमण की गति बढऩे के चलते इन बसों में यात्रियों की संख्या घटने से लोड फैक्टर का ग्राफ गिर कर काफी नीचे पहुंच गया है।

उधर, उत्तराखंड सरकार की ओर से अपने प्रदेश में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों को कोरोना जांच करने के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। जिसके चलते उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों को चिडिय़ापुर बार्डर पर रोककर यात्रियों की जांच करने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश दिया जा रहा है।

इस मामले में नजीबाबाद डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात चौधरी का कहना है कि उत्तराखंड सीमा पर निगम की बसों के यात्रियों की जांच किए जाने के चलते एक बार में बस एक से 2 घंटा विलंबित हो रही है। जिसकी वजह से दिन भर में छह फेरे लगाने वाली बस मात्र चार चक्कर ही लगा पा रही है।

यात्रियों की कमी और यात्रा के दौरान अधिक समय लगने से डिपो की उक्त मार्ग पर डिपो की ओर से संचालित की जा रही बसों से होने वाली आमदनी में करीब एक लाख रुपए रोजाना की कमी हो रही है। विगत दिनों से लोड फैक्टर में 80 प्रतिशत तक की कमी आयी है।

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