जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक लाख के वांटेड गैंगस्टर वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा उर्फ टाइगर को थाईलैंड में धरदबोचा है। काला राणा थाईलैंड में बैठकर लॉरेन्स बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग की कमान संभाल रहा था।
सेल की टीम ने गैंगस्टर काला राणा को अदालत में पेश किया गया और अब काला राणा 10 दिन की पुलिस रिमांड पर है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक काला राणा के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ में 48 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
फर्जी पासपोर्ट के जरिये थाईलैंड गया था हरनाम
पुलिस की मानें तो साल 2019 में फर्जी पासपोर्ट बनवाकर वो भारत छोड़कर थाईलैंड भाग गया था और वहां हरनाम सिंह के नाम से रह रहा था। काला जठेड़ी की गिरफ्तारी के बाद गैंग की कमान वही से संभाल रहा था। हरियाणा पुलिस की तरफ से हत्या के एक मामले में काला राणा पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित था।
अंबाला में हत्या की वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक गैंगस्टर काला राणा को अपराध की दुनिया मे लाने वाला उसका दोस्त मोनू राणा था। मोनू राणा ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी का एक्टिव मेंबर था ये ऑर्गनाइजेशन लॉरेन्स बिश्नोई के दिमाग की उपज थी यही से काला राणा और बिश्नोई में दोस्ती हुई। पुलिस की माने तो साल 2014 में काला राणा और उसके दोस्त मोनू राणा ने मिलकर हरियाणा के अंबाला में हत्या की एक वारदात को अंजाम दिया था।
इसके बाद काला राणा जेल चला गया। जेल में उसकी मुलाकात संपत नेहरा से हुई संपत, गैंगस्टर लॉरेन्स बिश्नोई का काफी करीबी था। जेल से बाहर आने के बाद साल 2017 में काला राणा एक बार फिर सुर्खियों में तब आया जब उसने संपत नेहरा के साथ मिलकर हरियाणा के यमुनानगर के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भाई राजेंद्र उर्फ राजा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी।
मई में घोषित किया गया था भगोड़ा
मई 2019 में इस मामले में काला राणा को भगोड़ा घोषित किया गया था उसके बाद से ही वो फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया था। गैंगस्टर काला राणा को भारत लाने के लिए हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवाया था।
स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि एक अपराधी राजू बसौदी को साल 2020 में बैंकॉक से गिरफ्तार किया गया था। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि गैंगस्टर काला राणा थाईलैंड में है और बिश्नोई-जठेड़ी गैंग की कमान वही से संभाल रहा है। तभी से पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुट गई थी और आखिरकार उसे धर दबोचा गया।

