- जांच में निकली एमडीए की जमीन!, कंकरखेड़ा में हुआ था जमकर बवाल
- विशेष समुदाय के लोगों ने बोल दिया था भाजपा नेता और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं पर हमला
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: डिफेंस एन्क्लेव के निकट कब्रिस्तान की भूमि बता कर तीन मार्च को जहां नंगलाताशी निवासी महिला का जबरन शव दफनाया गया था। अब जांच में वह जमीन अस्पताल संचालक की ही निकली है। मेरठ विकास प्राधिकरण ने कब्रिस्तान के निकट वाली भूमि को अस्पताल संचालक को बेच दिया गया था, लेकिन इसी भूमि को विशेष समुदाय द्वारा कब्रिस्तान की भूमि बता कर शव दफना दिया गया था।
यहां जमकर बवाल करते हुए भाजपा नेता की उस समय पिटाई कर दी गई थी। जब हिंदू जागरण मंच के महानगर और भाजपा नेता विरोध करने पहुंचे थे। अब जांच में सामने आया है कि यह भूमि एमडीए की ही थी, जिसे अस्पताल को बेचा गया था। हालांकि अभी इस मामले को उजागर नहीं किया गया है।

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि एमडीए अधिकारी इस भूमि पर कब्जा लेने की फिराक में फोर्स उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी फोर्स नहीं मिल पा रही। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि यहां जो शव दफना दिए गए हैं। क्या उनको फिर से निकाला जाएगा?
डिफेंस एन्क्लेव के निकट तीन मार्च गुरुवार के दिन शाम के समय उस समय बवाल हो गया था। जब मुस्लिम समुदाय के लोग नंगलाताशी निवासी महिला खेरुनिशा के शव को दफनाने के लिए पहुंचे थे। यहां पर कब्र खोदने के दौरान एक अस्पताल संचालक ने पहुंचकर बताया कि वह जमीन उसने मेरठ विकास प्राधिकरण से खरीदी है।
जबकि विशेष समुदाय के लोग इस बात पर अड़ गए कि यह भूमि कब्रिस्तान की है। यहां पर और अन्य दर्जनों शव दफन है। सूचना मिलने पर कंकरखेड़ा थाना इंस्पेक्टर सुबोध सक्सेना पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आखिरकार मुस्लिम समुदाय ने महिला के शव को वहीं दफना दिया।
इसके बाद सूचना मिलने पर हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही और भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा, नवाब सिंह लखवाया वहां पहुंच गए और विवादित भूमि पर शव दफनाने का विरोध किया। दोबारा सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सुबोध सक्सेना भी पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस ने हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही, दुष्यंत रोहटा व एक अन्य को हिरासत में ले लिया।

जिसके बाद बवाल शुरू हो गया। बवाल के दौरान सचिन सिरोही व एक अन्य पुलिस की गाड़ी से उतर कर वहां से निकल गए थे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया और लाठी-डंडों से नवाब सिंह लखवाया की पिटाई शुरू कर दी। इस बवाल में नवाब सिंह लखवाया गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने भाजपा नेता और हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष के खिलाफ विभिन्न संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। उधर नवाब सिंह लखवाया के रिश्तेदार की तरफ से भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
अस्पताल में कई दिन भर्ती रहे नवाब सिंह लखवाया
भाजपा नेता नवाब सिंह लखवाया कई दिन तक उपचाराधीन रहे। उनके शरीर में और आंख में गंभीर चोट लगी थी। उन्हें जिला अस्पताल के बाद निजी अस्पताल में उपचार के लिए कई दिन भर्ती रखा गया। करीब एक महीना बाद अभी भी हालत उनकी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है।
जांच में सामने आया है कि यह भूमि मेरठ विकास प्राधिकरण की है। विशेष समुदाय के लोगों ने जबरन शव को दफनाया है। पुलिस भी विवादित भूमि पर शव दफनाने के दौरान कठोर कदम नहीं उठा सकी। जबकि कब्रिस्तान की भूमि हजारों मीटर में है। यह भूमि मेरठ विकास प्राधिकरण ने एक हॉस्पिटल संचालक को बेची है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी हैं।
जानकारी के अनुसार ऐसा भी सामने आया है कि मेरठ विकास प्राधिकरण कंकरखेड़ा थाने से संपर्क में हैं और वह फोर्स उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक फोर्स उपलब्ध नहीं हो सकी। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस भूमि पर कई शव दफना दिए गए। आखिर उन सबको कैसे निकाला जाएगा?

