- 250 परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर का एक ऐसा इलाका जहां पर पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क तालाब बनी हुई है। इस वजह से यहां रहने वाले 250 से ज्यादा परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। निगम के अधिकारियों ने भी शिकायत करने के बाद कभी हालातों का जायजा नहीं लिया न ही समस्या के समाधान को कदम उठाए है। ऐसे में यहां रहने वाली जनता मुसीबतों का सामना करने को मजबूर है।
स्थानीय निवासी आबिद का कहना है यहां दो वार्ड-69 व 72 लगते हैं, लेकिन पार्षद भी मजबूर है। नालियां नीचे हो गई है। जबकि पास में ही बहने वाला नाला उंचा है। ऐसे में नाले का पानी नालियों के जरिए इलाके में भर गया है। करीब एक महीना बीत चुका है, मगर हालात जस के तस बने हुए हैं। बड़ी संख्या में रहने वाली जनता घरों में ही कैद होकर रह गई है। कुछ दिनों में ही ईद का त्योहार आने वाला है, इन हालातों में कुर्बानी होने पर गंदा पानी बाहर नहीं जाएगा। जिससे यहां हालात और भी गंभीर हो जाने का खतरा है।
इलाके में ही दुकान करने वाले बिलाल का कहना है कि पिछले एक महीने से नालियों का पानी सड़क पर भरा है। ऐसे में यहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे लोग बीमार होने लगे हैं। घरों में बने पखाने की गंदगी भी सड़क पर जमा हो जाती है, आने-जाने वालों को होने वाली परेशानी से व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
सुबह नौ बजे के समय गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जो पूरे दिन भरा रहता है। छुट्टी के बाद घरों को जाने वाले स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा में बैठकर घर जाना पड़ता है। कई बार निगम से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।
मो. आसिफ का कहना है कि इलाके में पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से गंदा पानी भरा है। इससे यहां दुकान करने वाले लोगो की रोजी-रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। वहीं यहां रहने वाले परिवार घरों में कैद होकर रह गए है। कई घरों में नालियों का पानी घुस गया है, जिसकी वजह से लगातार बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। अब बरसात का मौसम आने को है, ऐसे में यहां के हालात और भी ज्यादा खराब हो जाएंगे। कई बार स्थानीय पार्षदों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन वह भी अपने आप को लाचार बता रहे हैं।
इलाके में हलवाई की दुकान चलाने वाले स्थानीय निवासी अकरम का कहना है कि एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सड़क पर भरा गंदा पानी नहीं निकाला गया। नालियों का गंदा पानी सड़क पर भरा है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। आसपास बड़ी संख्या में डेयरियां मौजूद है जिनसे निकलने वाला गोबर सड़क पर जमा पानी में तैरता रहता है। इसी वजह से लगातार बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। नगर-निगम ने कभी यहां सफाई कराने का प्रयास नहीं किया।
गर्मी निकल गई…बरसा सुकून
मेरठ में मानसून की दस्तक से लोगों ने गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन व्यवस्थाओं के पटरी से उतर जाने से लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। शुक्रवार तड़के शुरू हुई बारिश ने बड़ी राहत दी। शाम को भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई।
शुक्रवार को बारिश ने मौसम तो खुशनुमा बना दिया, लेकिन बिजली और पेयजल की समस्या खड़ी कर दी। बिजली का कट भी जनता को झेलना पड़ा। शहर में कई स्थानों पर बिजली ठप रहने की सूचना मिली है। बिजली शहर के कई हिस्सों को नहीं मिली। बड़ी तादाद में लोग पानी के लिए भी परेशान रहे।

