जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस ने किसान संगठनों के साथ केंद्र सरकार की प्रस्तावित बातचीत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह आज ही कृषि से संबंधित तीनों ‘काले कानूनों’ को निलंबित करें और प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा करें।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार को सभी किसान संगठनों के साथ दिल खोलकर बातचीत करनी चाहिए और बिना किसी दिखावे और पूर्वाग्रह के मामले का समाधान निकालना चाहिए।
देर आए, दूरस्त आए।
आख़िर अहंकारी मोदी सरकार ने सात दिन बाद किसानों को बातचीत के लिए बुलाया।
अब मोदी सरकार ये ज़रूरी कदम भी उठाएँ-
1. तीनों काले क़ानून सस्पेंड करें।
2. पराली पर जुर्माने का क़ानून सस्पेंड करें।
3. सब मुक़दमे वापस लें।
पूर्वाग्रह छोड़ खुले दिमाग़ से बात करें। pic.twitter.com/d38ToNeWKb
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) December 1, 2020
बता दें कि केंद्र सरकार मंगलवार को किसान संगठनों से बातचीत करने वाली है। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में बड़ी संख्या में किसान एक सप्ताह से दिल्ली के निकट प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा कि देर आए, दुरुस्त आए। पिछले एक हफ्ते से लाखों किसान सड़कों पर हैं, लेकिन अहंकारी मोदी सरकार उनसे बातचीत को तैयार नहीं थी। लेकिन अब कम से बातचीत का न्यौता दिया है।
हमारा यह कहना है कि अगर सरकार ने बातचीत के लिए दरवाजे खोलें हैं तो अपना मन भी खोले और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर वार्तालाप नहीं करे। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सभी किसान संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया जाए ताकि किसानों की सारी समस्याएं सरकार के सामने रखकर उनका निदान हो सके।
सुरजेवाला ने आग्रह किया कि तीनों काले कानूनों को निलंबित करने का निर्णय प्रधानमंत्री आज ही करें और इसकी घोषणा करें। हजारों किसानों पर दर्ज मुकदमें बिना शर्त वापस लेने की घोषणा करें। पराली जलाने के आरोप में जो मुकदमे दर्ज किए हैं, उनको भी वापस लिया जाए और पराली पर जुर्माना लगाने का अध्यादेश भी वापस लिया जाए।