- भाकियू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: भाकियू ने धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून न बनाने एवं किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस न लेने तथा मरने बनने वाले किसानों को शहीद का दर्जा न देने के आरोप लगाए।
सोमवार को कैराना तहसील मुख्यालय पर भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष गय्यूर हसन के नेतृत्व में विश्वासघात दिवस के तहत कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद बाद भाकियू ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संदीप कुमार को सौंपा। जिसमें बताया गया हैं|
कि पिछले साल संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने दिल्ली के बर्डरो पर कृषि कानूनों को रद्द कराने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून बनाने व अन्य किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाया था। जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून वापस लेने के फैसले के बाद दिसंबर माह में धरना प्रदर्शन उठाने का निर्णय लिया गया था|
लेकिन इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने, किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने व आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को शहीदी का दर्जा देने की मांग सरकार से की गई थी। किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया गया था।
इस दौरान इमरान, मुनव्वर चौारी, खुर्शीद अहमद, कय्यूम, इमरान चौहान, तासिम, राजेश, पुष्कर सैनी आदि मौजूद रहे।
ऊन पर भी किसानों का धरना
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने विश्वासघात दिवस मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। किसान आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ था लेकिन सरकार द्वारा किसानों की मांगे पूरी नहीं की गई जिसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया गया था।
सोमवार को भाकियू के कार्यकर्ताओं ने विश्वासघात दिवस मनाया तथा केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाअधिकारी विशु राजा की गैरमौजूदगी में स्टेनो सचिन शर्मा को सौंपा। किसानों की मांग है कि एमएसपी पर तुरंत कमेटी बनाई जाए, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, गृह राज्य मंत्री अनिल टेनी को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में अरविंद कुमार, सुमित कुमार, राजेंद्र सिंह,रामवीर, रामफूल, सतेंद्र, रामपाल बाबा आदि मौजूद रहे।

