जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: आगरा में आबकारी नियमों को दरकिनार कर शराब कारोबारियों द्वारा अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पुराने स्टॉक को खपाने के लिए ठेका संचालकों ने “बोतल वही, कीमत नई” का तरीका अपनाया है। कहीं पुरानी बोतलों पर नए रेट के लेबल लगाए जा रहे हैं, तो कहीं एमआरपी को नजरअंदाज कर ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूली जा रही है।
शहर के संजय प्लेस, देहली गेट, ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर कमला नगर और फतेहाबाद रोड तक कई शराब दुकानों पर यह खेल खुलेआम जारी है। 1 अप्रैल से शराब के दाम बढ़ने के बावजूद नियमों के अनुसार पुराने स्टॉक को पुरानी कीमत पर ही बेचना अनिवार्य है, लेकिन मुनाफे के लालच में ठेकेदार उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं।
ग्राहकों का आरोप है कि विरोध करने पर सेल्समैन बदसलूकी पर उतर आते हैं। इतना ही नहीं, निर्धारित समय रात 10 बजे के बाद भी शराब बेचकर अधिक कीमत वसूली जा रही है।
तय कीमत से अधिक वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, पौवा पर 10 से 20 रुपये तक और रात में 50 रुपये तक अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। हाफ बोतल पर 30 से 100 रुपये और पूरी बोतल पर 50 से 200 रुपये तक ज्यादा वसूले जा रहे हैं।
आबकारी विभाग और पुलिस की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, रात में ठेकों के अंदर ही लेबल बदलने का खेल चलता है, जबकि विभागीय फ्लाइंग स्क्वॉड और निरीक्षक अनजान बने हुए हैं।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
जिला आबकारी अधिकारी कृष्णपाल यादव ने कहा कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी के बाद 18 लाख रुपये का राजस्व जमा कराया गया है, लेकिन किसी भी हालत में ओवरचार्जिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।