जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मणिपुर का दौरा किया, जो वर्ष 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद उनकी राज्य की पहली यात्रा है। यह दौरा संवेदनशील भी है और प्रतीकात्मक भी, क्योंकि लंबे समय तक चुप्पी और आलोचना झेलने के बाद प्रधानमंत्री ने सीधे हिंसा प्रभावित लोगों से संवाद किया और शांति व विकास का संदेश दिया।
पीएम मोदी ने विस्थापितों से की मुलाकात
चुराचांदपुर के शांति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) से मुलाकात कर उनकी पीड़ा और समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार मणिपुर के साथ खड़ी है और जल्द से जल्द राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
वर्तमान में मणिपुर में 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हैं, जिनमें लगभग 40,000 कुकी समुदाय और 20,000 मैतेई समुदाय से हैं। इनमें से कई लोग राहत शिविरों में नारकीय हालात में जीवन बिता रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से इन लोगों को रोज़गार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
“मणिपुर की धरती हौसले की धरती है”
भारी बारिश के बीच उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “मैं मणिपुर के लोगों के जज़्बे को सलाम करता हूं। मणिपुर की धरती हौसलों और मेहनत की मिसाल है। यहां की हिल्स, यहां की संस्कृति और लोग, सब भारत की विविधता और शक्ति का प्रतीक हैं।” उन्होंने कहा कि मणिपुर के नाम में ‘मणि’ है, और यह मणि पूरे नॉर्थ ईस्ट की चमक बढ़ाने वाला है।
7,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
पीएम मोदी ने इस मौके पर करीब 7,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनका उद्देश्य खासतौर पर हिल एरिया और आदिवासी इलाकों की जिंदगी को बेहतर बनाना है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां सैकड़ों गांवों तक पहुंचना मुश्किल था, अब सड़कों और कनेक्टिविटी के जरिए विकास पहुंच रहा है।
रेल संपर्क के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है। जीरीबाम-इंफाल रेलवे लाइन बहुत जल्द इंफाल को नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
‘नल से जल’ और आवास योजनाओं में बड़ी प्रगति
प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार की योजनाओं से मणिपुर में बड़ा बदलाव आया है:
कुछ साल पहले जहां 25-30 हजार घरों में ही पाइप से पानी आता था, वहीं अब साढ़े 3 लाख से अधिक घरों में ‘नल से जल’ योजना के तहत पानी की सुविधा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं।
शांति स्थापना के लिए बातचीत की पहल
पीएम मोदी ने यह भी जानकारी दी कि हाल के दिनों में पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के संगठनों के साथ बातचीत के सकारात्मक संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा:
“शांति के रास्ते पर संवाद, सम्मान और समझ जरूरी है। भारत सरकार इसी दृष्टिकोण से काम कर रही है। मैं सभी संगठनों से अपील करता हूं कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़ें और अपने सपनों को साकार करें।”
राजनीतिक संकेत और उम्मीद
प्रधानमंत्री का यह दौरा न सिर्फ राजनीतिक रूप से अहम है, बल्कि स्थानीय लोगों के मन में भरोसा बहाल करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा “मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है।”

