- चमरावल गांव में निवासी मृतक श्यामलाल के बेटे को उठा लाई थी पुलिस
- परिजनों व ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर किया हंगामा, पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
- पुलिस पर बयान बदलवाने का आरोप, हंगामे के बाद पुलिस ने युवक को छोड़ा
जनवाणी संवाददाता |
रटौल: चमरावल गांव में छह लोगों की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। शनिवार की देर रात्रि चांदीनगर थाने में उस समय जोरदार हंगामा हो गया जब पुलिस मृतक श्यामलाल के बेटे को उठाकर ले आई। परिजन व ग्रामीण थाने में पहुंचे और खूब हंगामा किया। मृतक की पत्नी व बेटी ने पुलिस पर बयान बदलवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों व परिजनों के हंगामे के बाद युवक को छोड़ दिया।
चमरावल गांव निवासी मजदूर श्यामलाल की गुरुवार को मौत हो गई थी। जिसके बाद श्यामलाल के बेटे देवेंद्र ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इंकार कर दिया था, जबकि अन्य परिजन व ग्रामीण शराब से मौत का दावा कर रहे थे। डीएम शकुंतला गौतम ने परिजनों को समझाकर पोस्टमार्टम कराया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दावा किया था कि शराब नहीं आई है। हालांकि श्यामलाल के बेटे ने अगले दिन यानी शुक्रवार को यह भी कहा था कि उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन उनकी बात को पूरा नहीं किया। यानी उसका इशारा प्रशासन की ओर था। उसने मौत का कारण शराब बताई थी।

शनिवार की देर शाम पुलिस देवेंद्र को उठा लाई, जिसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस से मामला पूछा तो कोई जवाब नहीं दे पाए। ग्रामीणों व परिजनों ने खूब हंगामा किया और पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। थाने में हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने देवेंद्र को छोड़ दिया। ग्रामीण व परिजन पुलिस से बार-बार यही पूछ रहे थे कि क्यों उठाकर लाए? यह भी कह रहे थे कि दबाव न बनाया जाए।
मृतक श्यामलाल की पत्नी राजबाला ने बताया कि उसके बेटे को पुलिस उठाकर लाई। वह थाने पहुंचे तो किसी ने कुछ नहीं बताया। राजबाला ने आरोप लगाया कि उसके पति की मौत के बाद उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। कह रहे हैं कि श्यामलाल ने तीन दिन से खाना नहीं खाया था इसलिए उसकी मौत हो गई, जबकि उसके पति ने उस दिन सुबह व दोपहर में खाना खाया था। शाम को शराब पीने के बाद तबियत खराब हो गई थी।
उसके पति की मौत शराब पीने से हुई है। श्यामलाल की बेटी मनीषा का भी यही आरोप है कि उसके पिता की मौत शराब से हुई है, पुलिस उन पर दबाव बना रही है। जबकि सीओ खेकड़ा का कहना है कि देवेंद्र को सिर्फ परेशानी पूछने के लिए बुलाया था। उससे यह जानकारी ली जानी थी कि कोई परेशानी या दिक्कत तो नहीं है?
क्या है झोल?
चमरावल गांव में मौत का तांडव होने के बाद का खेल समझ से परे हो चला है। कल तक पुलिस-प्रशासन कुछ दावे कर रहा था और अब हर दिन नए-नए दांवपेंच चलने शुरू कर दिए हैं। मृतक श्यामलाल की पत्नी व बेटी की बातों पर विश्वास करें तो पुलिसिया खेल ही निराला सामने आ रहा है।

