- सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में पहुंचे सपाई, मृतकों के परिजनों को दी सांत्वना
- रालोद का प्रतिनिधि ने गांव पहुंचकर बंधाया ढांढस, आर्थिक मदद की मांग की
जनवाणी संवाददाता |
चांदीनगर/रटौल: चमरावल गांव में शराब से छह लोगों की मौत के बाद राजनीतिक दल भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। सपाइयों का एक प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
रालोद के प्रतिनिधि मंडल ने भी पहुंचकर सांत्वना दी और सरकार से आर्थिक मदद की मांग की। सपा नेता अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि यह स्वभाविक मौत नहीं, बल्कि हत्या है। शराब माफियाओं व अधिकारियों का गठबंधन है।
चमरावल गांव में बुधवार से शुक्रवार तक छह लोगों की मौत होने के बाद हड़कंप की स्थिति है। शराब पीकर मौत का आरोप लगाया जा रहा है।
प्रशासन इसे स्वीकार नहीं कर रहा है। जिसके बाद राजनीतिक दल भी चमरावल की ओर दौड़ पड़े हैं। सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।

अतुल प्रधान ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। छह जिंदगी मौत के काल में समा गई और सरकार व अधिकारी गम्भीर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपराध को दबाने में लग हुए हैं।
यह मौत कोई स्वभाविक नहीं है, एक तरीके से हत्या की गई है। गरीब परिवारों के बारे में सरकार सोच नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीणों की मौत शराब से मानने को तैयार नहीं है।

ग्रामीणों की बात पर भी सरकार विश्वास नहीं कर रही है। वह मांग करते हैं कि मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की सहायता दी जाए और शराब माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।
इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिंह, सपा नेता रमन गुर्जर, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सीमा यादव, रविंद्र नैन, तहसीन छपरौली, योगेश, राहुल यादव, राधे गुर्जर, फिरोजखान, टीटू प्रधान, ब्रह्मपाल यादव, जतन प्रधान, विपिन नागर, दीपक भाटी, आलोक नागर, विकास भाटी, अरविंद पहलवान, प्रवीण •ााटी, पवित्र, डॉ. विकास, रोहित, मोहित त्यागी, सुरेंद्र त्यागी आदि मौजूद रहे।

भारतीय नौजवान इंकलाब पार्टी जिलाध्यक्ष प्रमोद गोस्वामी भी चमरावल गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि छह मौत के बाद सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया है। जब ग्रामीण शराब से मौत की बात कह रहे हैं तो अधिकारी क्यों सुनवाई नहीं कर रहे हैं? सीएम योगी आदित्यनाथ से उन्होंने मांग की है कि दस-दस लाख रुपये की मदद मृतकोंं के परिजनों की होनी चाहिए।
रालोद ने बंधाया ढांढस
रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल चमरावल गांव पहुंचा और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। जिलाध्यक्ष ने मृतकों के परिजनों को भरोसा दिया कि रालोद हमेशा उनके साथ है। उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार अपनी खामियों को छिपाने में लगी हुई है। शराब से मौत होने के बाद भी उसे स्वीकार नहीं कर रही है। गरीब परिवारों की चिंता सरकार को नहीं है। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि जहरीली शराब से मौत के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मृतकों के परिजनों को कम से कम दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं को पकड़ने में सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।
गांवों में खुलेआम शराब बेची जा रही है। उन्होंने इस ओर ठोस कार्रवाई की मांग सरकार से की है। इस दौरान रामपाल धामा, जगपाल तेवतिया, ओमवीर सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
अहमद ने परिजनों को दी सांत्वना
रालोद नेता नवाब अहमद हमीद चमरावल गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। छह लोगों की मौत के बाद भी अधिकारी शराब से मौत का स्वीकार नहीं कर रहे हैं, जोकि निंदनीय है।
अधिकारी अपने ऊपर कार्रवाई होने से बचने के लिए ग्रामीणों के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में बेचे जा रहे मौत के जाम पर सख्त एक्शन होना चाहिए और माफियाओं को जेल में भेजना चाहिए।
मृतकों के परिजनों को कम से कम दस-दस लाख रुपये की आर्थिक मदद सरकार को करनी चाहिए। सभी परिवार बेहद गरीब हैं। इनकी ओर भी सरकार को देखना चाहिए।

