जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ हुई हैवानियत के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। घटना को लेकर विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर हमलावर है। वहीं अब मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने उन्हें घेरते हुए सरकार की विफलता करार दिया है।
क्या बोले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी?
12 अक्टूबर को चुप्पी तोड़ते हुए ममता बनर्जी ने कहा था, “यह वारदात चौंकाने वाली है। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करती। तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, अन्य की तलाश जारी है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
हालांकि इसी दौरान ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि, “निजी कॉलेजों को परिसर के भीतर और आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।” इस टिप्पणी पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बीजेपी का पलटवार: ममता बनर्जी झूठ बोल रही हैं – सुकांत मजूमदार
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा “ममता बनर्जी फिर से झूठा बयान दे रही हैं। घटना कॉलेज परिसर के बाहर हुई, लेकिन वह इसे कॉलेज की जिम्मेदारी बता रही हैं। यह पूरी तरह प्रशासन की विफलता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाह जांच प्रणाली ही अपराधियों को प्रोत्साहित कर रही है।
सुकांत ने राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं सरकार की निष्क्रियता को उजागर करती हैं।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग उठी
ओडिशा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सोवाना मोहंती ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ममता बनर्जी से अपील करते हुए कहा “पीड़िता को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। साथ ही दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जाए, ताकि शीघ्र न्याय सुनिश्चित हो।”
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य की तलाश जारी है। पीड़िता अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि इस बीच मुख्यमंत्री के ‘कॉलेज की जिम्मेदारी’ वाले बयान ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
मीडिया पर भी नाराज़गी जताई ममता बनर्जी
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद ममता बनर्जी ने सफाई दी कि मीडिया ने उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना नहीं था, बल्कि सुरक्षा के हर पहलू पर ध्यान देने की बात की थी।

