जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय वायुसेना के अंबाला एयरबेस से फ्रांस निर्मित अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। राष्ट्रपति मुर्मू भारतीय इतिहास में ऐसी पहली राष्ट्रपति बनीं जिन्होंने भारतीय वायुसेना के इस अत्याधुनिक फाइटर जेट में उड़ान भरी।
राष्ट्रपति ने यह उड़ान एयरफोर्स की ओर से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भरी, जिसमें उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। संभावना जताई जा रही है कि उन्होंने अंबाला वायुक्षेत्र का एक प्रतीकात्मक चक्कर भी लगाया।
कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन और वायुसेना ने विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए थे। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि राष्ट्रपति दिल्ली से विशेष विमान द्वारा अंबाला पहुंचीं। सुरक्षा कारणों से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। एयरफोर्स स्टेशन के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर भी रोक थी।
भारत ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे थे, जिनकी पहली खेप जुलाई 2020 में अंबाला एयरबेस पर पहुंची थी। इन्हें भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन “गोल्डन एरोज़” में शामिल किया गया था।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह उड़ान न केवल भारतीय वायुसेना के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह देश की महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने उड़ान के बाद कहा कि “राफेल में उड़ान भरना भारतीय वायुसेना की अद्भुत क्षमता और हमारे सैनिकों के साहस का प्रतीक है। यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण है।”

