जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर पिछले दो दिनों से भारी हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी ने सोमवार और मंगलवार को पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए चीन से जुड़े एक अहम मुद्दे को उठाया था, जिसे नियमों का हवाला देते हुए रोक दिया गया। इसके बाद, बुधवार (4 फरवरी) को राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया के सामने उसी किताब को दिखाया, जिसके बारे में वह लगातार बात कर रहे थे।
राहुल गांधी का बयान – ‘मैं पीएम को यह किताब दूंगा’
राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा में आकर इस मामले पर बात करेंगे। लेकिन अगर वे आते हैं, तो मैं उन्हें यह किताब सौंप दूंगा, ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को सच्चाई का पता चल सके।”
किताब को लेकर राहुल का बयान
राहुल गांधी ने किताब को दिखाते हुए कहा, “सरकार कह रही है कि ऐसी कोई किताब है ही नहीं। स्पीकर भी कह रहे हैं कि यह किताब मौजूद नहीं है, लेकिन यह जनरल नरवणे की किताब है, जिसमें उन्होंने सब कुछ लिखा है। किताब में वही बात भी है, जो प्रधानमंत्री ने कही थी – ‘जो उचित समझो, वह करो’।” उन्होंने आगे कहा कि पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा था कि चीनी टैंक कैलाश रेंज तक पहुंच चुके हैं, तो हमें क्या कदम उठाना चाहिए। हालांकि, पहले तो राजनाथ सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया, और फिर जब नरवणे ने उन्हें दोबारा संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वह ‘शीर्ष’ से पूछेंगे। ‘शीर्ष’ का आदेश था कि यदि चीनी सेना भारत की सीमा में घुसती है, तो बिना अनुमति के गोली नहीं चलाई जा सकती।
पीएम मोदी पर तंज
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने जो संदेश दिया था, वह था – ‘जो उचित समझो, वह करो’। इसका मतलब यह हुआ कि प्रधानमंत्री ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि ‘जो मन में आए, वह करें’, यानी यह मामला उनके बस का नहीं था। जनरल नरवणे ने लिखा है कि ‘मुझे बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरा सिस्टम मुझे छोड़ चुका था।'”
राहुल गांधी का वीडियो और पोस्ट
राहुल गांधी ने मीडिया से बयान देते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने किताब के साथ लिखा, “आज अगर प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें यह किताब भेंट करूंगा। यह किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है, न ही यह किसी विदेशी लेखक की है। यह किताब हमारे देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की है, और हैरानी की बात यह है कि यह किताब कैबिनेट मंत्रियों के अनुसार मौजूद ही नहीं है।”
संसद में हंगामा
2 और 3 फरवरी को जब राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान इस किताब का मुद्दा उठाया, तो संसद में हंगामा मच गया। राहुल ने कहा था कि डोकलाम में चीनी टैंक भारत की सीमा में घुस आए थे, और यह जानकारी जनरल नरवणे की किताब में दी गई है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने इसका विरोध किया। करीब 45 मिनट तक चली तकरार के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। अगले दिन भी राहुल गांधी अपने रुख पर अड़े रहे, जिसके चलते संसद में फिर से जोरदार हंगामा हुआ।

