Saturday, February 7, 2026
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Meerut News: आज से तीन जुलाई तक बारिश का अलर्ट, जून के विदा होने से पहले बारिश ने दी राहत

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: जून के विदा होने से पहले मानसून की बारिश ने राहत दे दी है। सोमवार को सबसे ज्यादा 137 मिमी बारिश दर्ज की गई है, यह इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। मौसम विभाग ने तीन जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश होने के बाद मौसम बदला और गर्मी से भी राहत मिली। जून में सबसे ज्यादा 183 मिमी बारिश हुई है, जिसने पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

मानसून बारिश से मौसम बदल गया है। मौसम के बदलने से गर्मी ने राहत दी है। मानसून भी मेरठ तक सोमवार को पहुंचा तो बारिश ने सभी को राहत दे दी। रविवार से श्ुारु हुई बारिश सोमवार को होती रही। बारिश और हवा के चलते मौसम बदला दिन में हाइवे पर गुजरने वाले वाहन स्वामियों को भी लाइट जलाकर निकलना पड़ा। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 और न्यूनतम 87 दर्ज की गई। इस सीजन में पहली बार सबसे ज्यादा बारिश 137 मिमी दर्ज की गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इस समय मौसम बदला हुआ है और तीन जुलाई तक मेरठ समेत आसपास के जिलों में अच्छी बारिश के आसार है। मानसून भी आ गया है और 24 से 48 घंटे में मेरठ और आसपास में बारिश होगी। बारिश ने पिछले करीब 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। जून माह में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

बारिश से जलभराव, जनजीवन हुआ प्रभावित

मोदीपुरम क्षेत्र में जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। फेज के सामने सर्विस रोड पर कई फीट पानी भरने से वाहन स्वामी परेशान रहे। ऐसा ही हाल पल्लवपुरम फेज दो के एन पॉकेट, फेज वन के सीएल पॉकेट, सीएच पॉकेट, सील कुंज कॉलोनी, पी पाकेट, उदय पार्क कॉलोनी, उदय सिटी कॉलोनी, पुष्पविहार कॉलोनी, मोदीपुरम की डबल स्टोरी समेत अन्य कॉलोनियों में पानी से लोग परेशान रहे।

गन्ने और चारे की फसलों को मिली संजीवनी

कृषि विवि के संयुक्त निदेशक प्रसार डॉ. सतेंद्र खारी का कहना है कि गन्ना और चारा की फसल के लिए यह बारिश संजीवीनी होगी। बारिश न होने से गर्मी ज्यादा थी और फसलों को नुकसान पहुंच रहा था। गन्ना और चारा की फसल की बढ़वार कम हो रही थी। साथ ही धान की बुवाई में लगे किसानों को भी इस बारिश ने काफी राहत दी है। किसान अब समय से अपनी धान की बुवाई कर सकेंगे।

बारिश में धुल गया प्रदूषण, एक्यूआई 33 दर्ज

मेरठ का एक्यूआई बारिश में धुल गया। मेरठ समेत आसपास के जिलों में भी प्रदूषण में काफी कमी आयी है। प्रदूषण का स्तर 100 से नीचे आ गया है। खराब हवा के बीच बागपत का एक्यूआई 80, गाजियाबाद का 56, मुजफ्फरनगर का 54, गंगानगर का 34, जयभीमनगर का 38, पल्लवपुरम का 33 दर्ज किया गया। अभी बारिश के चलते आगे भी प्रदूषण कम रहेगा।

नालों की सफाई पर पानी में बहे दो करोड़

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हर साल की तरह इस बार भी पहली बरसात ने नगर निगम के जलभराव से निपटने के सभी दावों की पोल खोल दी है। यह हाल तो तब है जब नगर आयुक्त ने शहर के सभी नालों को पूरी तरह साफ करने के लिए कुछ समय पहले दो करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराने का दम भरा था। रविवार शाम से शुरू हुई बरसात सोमवार सुबह तक जारी रही। इस दौरान शहर के बड़े रिहायशी इलाके जलभराव होने की वजह से पानी में डूब गए। इनमें प्रहलाद नगर, गोला कुआं, भुमिया का पुल, इंदिरा नगर, ब्रह्मपुरी, माधवपुरम, टीपी नगर और जली कोठी जैसे घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं। पहली बरसात ने ही शहर के लगभग 200 बड़े छोटे नाले उफान पर नजर आए। वहीं, सबसे ज्यादा बुरा हाल आबू नाले का नजर आया, बेगमपुल से कचहरी पुल तक नाला पूरी तरह लबालब रहा। कचहरी के पुल के पास तो नाले का पानी सड़क तक आने लगा। वहीं, नाले में तैरता कूड़ा निगम की तैयारियों की पोल खोल रहा है। यह तो अभी शुरूआत है, मौसम विभाग ने आने वाले समय में और ज्यादा बरसात होने की भविष्यवाणी की है। ऐसे में नगर निगम ने शहर की जनता को डुबोने की पूरी तैयारी कर ली है। सबसे बड़ा सवाल यह कि निगम हर साल बरसात के मौसम में जलभराव से निजात दिलाने के दावें तो करता है और उनपर करोड़ो रुपये खर्च भी किये जाते हैं, लेकिन यह पैसा आखिर जाता कहां है?

बारिश से शहर की सड़कें डूबी

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रविवार की आधी रात से हो रही बारिश ने शहर की सड़कों को डुबो दिया है। जगह-जगह जलभराव हो गया। शहर से लेकर देहात तक लबालब बारिश ने मौसम को बदल दिया। है। सड़के और नाले पूरी तरह से ओवरफ्लो हो गए। कंकरखेड़ा-मोदीपुरम-पल्लवपुरम, दिल्ली-देहरादून हाईवे, बेगमपुल, दिल्ली रोड, केसरगंज, हापुड़ अड्डा, शास्त्री नगर मेडिकल व क्षेत्र लालकुर्ती, बच्चा पार्क, माधवपुरम, बुढ़ाना गेट आदि क्षेत्रों में जल भराव की समस्या से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को जूझना पड़ा। बारिश ने नगर निगम की पोल खोल दी है। नालों का पानी सड़कों पर दिखाई दिया। कई जगह जलभराव में लोगों के वाहन भी फंस गए। पानी में वाहन चलाने से कई लोगों के वाहन भी बंद हुए। कई लोगों के घरों में भी पानी भर गया।

नगर निगम और मेडा कार्यालय परिसर में भरा पानी

नगर निगम व मेडा के कार्यालय परिसर में भयंकर जलभराव हो गया। करीब दो फीट पानी कार्यालय में भर गया। इसके साथ कई वाहन भी पानी में चलने से बंद हो गए। जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। इसके साथ मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यालय के मेन गेट पर एक फीट तक पानी भर गया। इसके साथ मेडा कार्यालय में आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। काफी लोगों के वाहन भी पानी के कारण बंद हो गए। माधवपुरम व शहर घंटाघर व अन्य स्थानों पर लगातार बारिश से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। माधवपुरम सेक्टर तीन व एक में दो दो फिट पानी भर गया। वहां पर निकासी न होने के कारण बरसात व नाले का पानी दुकानों व घरों में पहुंच गया। इसके साथ बच्चा पार्क व शहर घटांघर के आसपास नीचे मोहल्लों में भी नालों व बरसात का पानी लोगों के घरों पर पहुंचा। जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।

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