जनवाणी संवाददाता |
स्योहारा: रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में श्री राम द्वारा धनुष बाण तोड़ते ही माता सीता से विवाह संपन्न हुआ। रामलीला के आयोजन से युवाओं को सीख मिल रही है। स्योहारा नगर के रामलीला मैदान में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें गत रात्रि की रामलीला में धनुष यज्ञ का आयोजन किया गया एवं सीता स्वयंवर का आयोजन हुआ। रामलीला का संचालन राजपाल प्रजापति ने कहा कि रामचरित मानस हमारी आस्था का प्रतीक है। त्रेता युग में राजा जनक ने सीता जी के विवाह के लिए धनुष तोड़ने की प्रतिज्ञा की जो भी राजा धनुष को तोड़ेगा वही सीता जी से नाता जोड़ देगा।
स्वयंवर में रिसीव विश्वामित्र जी के साथ भगवान श्री राम एवं लक्ष्मण जी आए और भगवान श्रीराम जी से पहले अनेक राजाओं ने धनुष तोड़ने का प्रयत्न किया परंतु कोई भी राजा धनुष तोड़ना तो दूर धनुष दिलबर हटा भी ना सके और भगवान श्री रामचंद्र जी ने उस धनुष का खंडन किया।
इस प्रकार सीता जी का विवाह संपन्न हुआ। मौके पर कमेटी के अध्यक्ष राजवीर सिंह त्यागी, पप्पू पंडित, सुनील शर्मा, अमर सिंह वर्मा, नीतू जोशी, चंचल शर्मा एवं नगर के अनेक गणमान्य लोग महिला व पुरुष उपस्थित रहे।

