- केंद्र सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण जरुरी, इससे पर्यटन विभाग को मिलेगा बढ़ावा
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: डीएम रमाकांत पांडेय ने बताया कि हॉस्पिटेलिटि सेक्टर के अंर्तगत होटल उद्योग को प्रोत्साहन दिए जाने के उद्देश्य से पर्यटन मंंत्रालय भारत सरकार की ओर से पोर्टल पर सभी होटलों, लॉजों, गेस्ट हाउसों, पेइंग गेस्ट हाउसों, बेड, ब्रेकफास्ट, होम स्टे आदि अन्य आवसीय इकाईयों को उक्त पोर्टल पर संकलित कराए जाने के लिए सभी प्रदेशों को निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभग के पास सभी आवासों की संकलित सूचना होने से भविष्य में होटल उद्योग के लिए कारगर रणनीति बनाए जाने तथा उसका प्रचार-प्रसार किए जाने में सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि पर्यटकों को तीन मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता होती है, जिनमें आवास, जलपान तथा मार्गीय सुविधा, जो पर्यटन उद्योग के अंर्तगत आते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों के लिए उक्त सुविधाओं को प्रदान किया जाना है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले तथा पर्यटन स्थलों का विकास व प्रचार-प्रसार हो सके।
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य के दृष्टित नेशनल डाटा बेस के अंर्तगत पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के पोर्टल पर पूरे देश में अभाी तक लगभग 22 हजार से अधिक आवासीय इकाईयां अपलोड की जा चुकी हैं तथा उत्तर प्रदेश की 2380 आवासीय इकाईयां उक्त पोर्टल पर अपलोड हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है तथा प्रत्येक आवासीय इकाई को पोर्टल पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदान किया जा रहा है तथा होटलों आदि आवासीय इकाईयों के अपलोड किए जाने की कार्यवाही सतत् रूप से जारी है।
श्री रमाकांत पा़डेय ने जिले के सभी होटल, लॉजों, गेस्ट हाउसों, पेइंग गेस्ट हाउसों, ब्रेकफास्ट, होम स्टे आदि अन्य आवसीय इकाईयों के संचालकों स्वामियों का आहवान करते हुए कहा कि जिन इकाईयों द्वारा अभी तक उक्त पोर्टल पर पंजीकऱण नहीं कराया है, वे इकाईयां स्वयं अपने स्तर से भारत सरकार के पोर्टल पर अपने आवास गृह का पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी बताया कि उक्त सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए विभाग के मनीष श्रीवास्तव अपर सांख्यिकीय अधिकारी स्टेट नोडल अधिकारी उप्र के मोबाइल नम्बर 9616603455 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

