- आरोप: जिला पंचायत सदस्य का एक वार्ड कम होने पर हुआ आरक्षण में खेल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के साथ ही आपत्तियां आनी भी शुरू हो गई हैं। बुधवार को जिला पंचायती कार्यालय में जिला पंचायत सदस्य के वार्ड 34 से 33 किये जाने के बाद अरक्षण में होने वाली समस्या को लेकर आपत्ति आई। इसके आलवा कुल तीन आपत्ति बुधवार को आई।
मवाना ब्लॉक के निर्मित कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह ने जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा को दिये पत्र में कहा कि मेरठ में पहले जिला पंचायत के वार्ड 34 थे जो अब 33 हैं। वार्ड न. 33 जो पूर्व में वार्ड 34 हुआ करता था में समस्त ग्राम पंचायत वही है जो वार्ड 34 में थे।
सिर्फ क्रम संख्या बदली है। पूर्व में वार्ड 34 वर्तमान में वार्ड 33 वर्ष 2010 से 2015 में अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित रह चुके हैं। उसे फिर से आरक्षित कर दिया गया है। वहीं वर्तमान में वार्ड 31 जो पूर्व में वार्ड 32 हुआ करता था कभी भी अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित नहीं हुआ है। उन्होंने वार्ड 33 की जगह वार्ड 31 को अरक्षित करने वार्ड 33 को अनारक्षित करने की मांग की।
निर्मित कुमार का आरोप, शासन के दबाव में किया गया खेल
निर्मित कुमार ने कहा कि इस तरह से वार्ड को अनारक्षित करने के पीछे शासन की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी भी मानते हैं कि इस तरह से वार्ड को अनारक्षित किया जाना ठीक नहीं थी फिर भी शासन की ओर से दबाव दिये जाने पर इस प्रकार के निर्णय लिये गये।
हस्तिनापुर ब्लॉक प्रमुख कुसुम सिद्धार्थ की ओर से विज्ञत्ति जारी कर क्षेत्र पंचायत के आरक्षण में अपत्ति दर्ज कराई गई है। उसमें कहा गया है कि क्षेत्र पंचायत के वार्ड 1 से 12, 20,21,24 और 49 से 59 तक वार्डों को अनारक्षित घोषित किया गया है। इसी तरह वार्ड 13 से 19, 22, 23 और 25 से 48 के वार्डों को पिछड़े वर्ग के लिये आरक्षित किया गया है।
जारी सूची में महिला सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति महिला, पिछड़ा वर्ग महिला की उपेक्षा करते हुए एक भी वार्ड आरक्षित नहीं किया गया है। वह इस मामले को उठाएंगी। तमाम मंचों से महिला अधिकारों व सशक्तीकरण की बातें होती हैं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता।

