Monday, April 19, 2021
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फिर से ‘पाबंदियां’, रात तक घरों में रहिये ‘पाबंद’

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  • प्रशासन का नाइट कर्फ्यू का ऐलान, रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक सख्ती

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना के बढ़Þते संक्रमण को देखते हुए पाबंदियां लगने का सिलसिला शुरु हो गया है। जिलाधिकारी ने कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी के. बालाजी ने जनपद में 8 से 18 अप्रैल तक रात में 10 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू का आदेश किया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों और संबंधित व्यक्ति के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं होगा।

गुुरुवार दोपहर मेरठ कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी के साथ मेरठ की स्थिति पर विचार विमर्श किया। कमिश्नर के निर्देश जिलाधिकारी ने नाइट कर्फ्यू का आदेश जारी कर दिया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध महामारी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता के प्रविधान के तहत कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने गुरुवार सुबह क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए समेत सभी शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करके स्कूल कालेजों में संचालित की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। देर रात तक स्कूल कालेजों को बंद करने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किया जाएगा।

आवश्यक सेवाओं वाले विभाग, सेवाओं के कर्मचारियों को संस्थान का परिचय पत्र साथ रखना होगा। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर को लेकर जल्द निर्णय होगा। हालांकि स्कूल और कॉलेज में चल रही परीक्षाएं यथावत जारी रहेंगी। इससे पहले कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने मीडिया को बताया कि रात्रि कर्फ्यू निर्णय के लिए गुरुवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी।

कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने बताया था कि पूरे जिले में तो रात्रि कर्फ्यू नहीं लगाया जाएगा, लेकिन तेजी से फैल रहे संक्रमण वाले इलाकों में निर्णय लिया जा सकता है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे अपने जिले में अपने स्तर पर वहां की स्थिति को देखकर रात्रि कर्फ्यू के संबंध में निर्णय ले सकते हैं। उन जिलों में स्थानीय प्रशासन को रात्रि कर्फ्यू लगाने के लिए अधिकृत किया जा रहा है, जहां 500 से ज्यादा केस हैं और रोजाना 100 नए मामले आ रहे हैं।

लापरवाही बेइंतहा

एक तरफ कोरोना के केसेज लगातार बढ़ते जा रहे हैं तो दूसरी तरफ लोगों की लापरवाही भी लगातार बढ़ती जा रही है। खासतौर से रोड़वेज बस स्टैंड और बाजार का बुरा हाल है। भैंसाली बस अड्डे पर रोडवेज की बसें कोरोना को फैलाने का काम कर रही है। यहां ज्यादातर लोग बिना मास्क के ही बेफिक्र नजर आए। यहां तक कि ड्राइवर और कंडक्टर भी बिना मास्क के ही नजर आए। कई दुकानदार मास्क बेच रहे हैं, लेकिन खुद ही मास्क नहीं लगाए हैं।

चालान बेअसर

मेरठ पुलिस तीन दिन से मास्क को लेकर अभियान भी चला रही है। अब तक यहां 1147 लोगों का चालान किया जा चुका है. लगभग छह लाख रुपए चालान में वसूले जा चुके हैं, लेकिन फिर भी लोग मानने को राजी नहीं है। आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार का कहना है कि मास्क न लगाने पर और सख्ती की जाएगी। बीते 24 घंटे के दौरान मेरठ में कोरोना के 159 नए केस रिपोर्ट हुए हैं। यहां कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा हुआ 22573 हो गयी है।

इनको रहेगी छूट

  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • दूध और ब्रेड
  • नगर निगम के सफाई कर्मचारी
  • आवश्यक सेवाओं में लगे लोग
  • मीडियाकर्मी

दूसरे शहरों से आ रहे लोग जिनके पास शादी का कार्ड है

कोरोना की रफ्तार बेलगाम हो गयी है। लगातार तीसरे दिन संक्रमण ने सैकड़ा पार किया है। तीन दिन में संक्रमण के 382 केस आ चुके हैं। गुरुवार को संक्रमित केसों की संख्या 165 है। कोरोना अपडेट जारी करते हुए सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि गुरूवार को स्वस्थ्य विभाग की सर्विलांस टीमों ने 7392 सैंपल जांच के लिए मेडिकल की माइक्रोबॉयलोजी लैब भेजे थे।

इनमें से 165 सैंपल संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग इतनी बड़ी संख्या में संक्रमितों का पाया जाना गंभीर मान रहा है। इसके साथ ही अब जनपद में संक्रमितों की संख्या 22573 जा पहुंची है। मरने वालों का आंकड़ा 412 हो गया है। होम आइसोलेशन में 437 संक्रमितों को रखा गया है। सेना की अपडेट में सेना की 510 यूनिट व कैंटीन में सहित सेना से संबंधित अन्य स्थानों पर कोरोना की चेन सरीखे हालात हैं। असैन्य में भी कोरोना की चेन तेजी से बन रही है।

एक ही परिवार में एक से ज्यादा संक्रमित आने का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे मामले गंगानगर इलाके में आए हैं। इनके अलावा सदर बाजार के वेस्ट एंड रोड मकान नंबर 100, दौराला के सिवाया स्थित आईएचएम इंस्टीट्यूट, मेडिकल के शास्त्रीनगर व जागृति विहार में भी कई परिवारों में एक से ज्यादा संक्रमण के केस आए हैं। इनके अलावा डिफेंस एन्क्लेव कंकरखेड़ा, श्रद्धापुरी, शोभापुर, बाइपास सुशांत सिटी, खटीकपुरा गुरुद्वारा, सिविल लाइन टाइप सी हाइडिल कालोनी, पल्लवपुरम भी शामिल हैं।

संक्रमितों में कामकाजी घरेलू महिलाएं, छात्र, कारोबारी, कैदी, अधिवक्ता, शिक्षक, डाक्टर, हेल्थ केयर वर्कर, मजदूर आदि शामिल हैं। वहीं, इस संबंध में मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि फिलहाल 42 संक्रमित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। मेडिकल में 250 वार्ड सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में तैयार है। फिलहाल 65 वेंटिलेटर हैं। स्वास्थ्य मंत्री शुक्रवार को आ रहे हैं। उनसे कुछ और मांग की गयी है।

नाइट कर्फ्यू मतलब होटल, विवाह मंडपों की हालत खस्ता

इतिहास अपने आप को दोहराता है। गत वर्ष इन्हीं दिनों जब कोरोना ने पैर पसारने शुरु किये थे तब संपूर्ण लॉकडाउन लगाकर सारे उद्योग धंधे चौपट हो गए थे, लगभग वहीं तस्वीर एक बार फिर से सामने आने लगी है। 22 दिन में 1200 के करीब कोरोना संक्रमित निकलने और तीन लोगों की मौत ने प्रशासन से नाइट कर्फ्यू लगवा दिया। रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और वैडिंग हाल पर पड़ेगा। ये उद्योग वैसे ही बर्बादी की कगार पर चल रहे थे, प्रशासन के इन कदमों से इनका दम और निकल जाएगा।

15 मार्च के बाद से देश में एकबारगी कोरोना के दूसरे रूप ने तेजी से पैर पसारने शुरु कर दिये है। पांच महीने तक कोरोना की गति इतनी धीमी थी कि लोग कोरोना की विदाई दिल में बसा चुके थे। 15 मार्च के बाद एकबारगी कोरोना संक्रमण ने फैलना शुरु कर दिया। इससे केन्द्र सरकार के साथ साथ प्रदेश सरकारों की नींदे भी उड़ गई। तीन दिन से जिस तरह सौ से अधिक कोरोना संक्रमित निकलने शुरु हुए हैं उसने पूरे प्रदेश के चुनिंदा शहरों में नाइट कर्फ्यू लगवा दिया है।

अब हालात यह है कि शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे रात बारह बजे तक तो खुले ही रहते है, अगर कोई बड़ी मुसीबत न आए तो शहर में लोगों को लगभग बारह बजे तक खाना अवश्य मिल जाता है। नाइट कर्फ्यू लगने से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पूरी तरह से चौपट हो जाएगा क्योंकि ज्यादातर लोग रात के वक्त ही घरों से खाना खाने या फिर पार्टियों में शामिल होते हैं। गत वर्ष की बदहाली से होटल और रेस्टोरेंट संचालब उबर भी नहीं पाए थे कि इस बार कोरोना की मार ने फिर से मुसीबतों का संकेत देना शुरु कर दिया है।

मैरिज हाल और विवाह मंडपों के लिये भी बुरी खबर है कि शादी के सहालगों में प्रशासन ने सौ से अधिक लोगों की उपस्थिति पर रोक लगा दी है, लेकिन जिस तरह से नाइट कर्फ्यू लगाया गया है उससे इस बिजनेस पर भी निगेटिव असर पड़ना तय हो गया है। होटल संचालक और एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल सिंघल का कहना है कि नाइट कर्फ्यू से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा क्योंकि शादियों का मौसम भी आने वाला है।

स्वास्थ्य मंत्री का मेडिकल दौरा आज

कोरोना को लेकर लगातार खराब हो रहे हालातों तथा स्थिति के विस्फोटक होने के चलते संक्रमितों के इलाज की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रदेश चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सुरेश खन्ना शुक्रवार को मेडिकल आ रहे हैं। उनके दौरे के मद्देनजर मेडिकल प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। मेडिकल के तमाम वार्ड चकाचक किए जा रहे हैं। साफ ही मेडिकल प्रशासन ने गुरुवार को फायर सेफ्टी को लेकर ड्रिल भी किया। पिछले दिनों देश भर के कई मेडिकल कालेजों व अस्पतालों में आग की घटनाओं को देखते हुए यह मार्क ड्रिल करायी गयी है।

इन घटनाओं में कोविड अस्पताल में शामिल हैं जहां संक्रमित मरीज हताहत हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर पता चला है कि मेडिकल में ही स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक हाईलेबल बैठक करेंगे। इसके अलावा एक संयुक्त बैठक भी होगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग व मेडिकल प्रशासन के अधिकारियों के अलावा जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कोरोना संक्रमण महामारी के चलते पिछले साल भी सुरेश खन्ना ने मेडिकल का निरीक्षण किया था। तब भी कोरोना संक्रमण पूरे पीक पर था।

वैसे ही हालात एक बार फिर से बनते जा रहे हैं। मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि जहां तक संक्रमितों के इलाज की बात है तो वर्तमान में मेडिकल में 250 बेड का अस्पताल पहले से काम कर रहा है। इस क्षमता को और भी बढ़ाया जा सकता है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि मेडिकल के अलावा प्राइवेट अस्पताल जहां पहले से कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड काम कर रहे हैं, उनको भी अलर्ट पर रखा गया है।

संक्रमण के मरीजों के बढ़ने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। सर्विलांस समेत तमाम अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। जहां तक संक्रमण के ग्राफ के बढ़ने की बात है तो पूरे देश भर में केस आ रहे हैं, लेकिन प्रभावी नियंत्रण के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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