- सालों से क्षतिग्रस्त हालत में है सरधना-बिनौली मार्ग
- पेंचवर्क के नाम पर हर साल होता है खेल, क्षेत्र के लोग परेशान
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक निर्माण विभाग को सभी सड़कें गड्ढा मुक्त करने के आदेश दे रहे हैं। दूसरी ओर क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी है। सालों से खस्ताहाल सरधना बिनौली मार्ग सीएम के आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है। हर साल इस मार्ग की मरम्मत करने के नाम पर लाखों रुपये का खेल होता है। जितने में इस मार्ग का अब पेंचवर्क हो चुका है।
उतनी रकम में पूरी सड़क नए सीरे से बना जा सकती थी। मगर अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह हुए बैठे हैं। वर्तमान में मार्ग की हालत इतनी खस्ता है कि बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिनकी चपेट में आकर राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। मगर अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।
सरधना-बिनौली मार्ग नगर का सबसे मुख्य मार्ग है। बिनौली से यह मार्ग सरधना होते हुए दौराला से जुड़ता है। इस मार्ग के साथ कई कस्बे और दर्जनों गांव जुड़ते हैं। मार्ग यह मार्ग पिछले कई सालों से क्षतिग्रस्त हालत में है। मार्ग पर जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। कस्बे के बीच से लेकर भूनी चौराहे और उससे आगे तक मार्ग की हालत खराब है। दूसरी ओर दौराला तक ही मार्ग क्षतिग्रस्त हालत में पड़ा है।

हर साल इस मार्ग की मरम्मत करने के नामपर मोटी रकम खर्च की जाती है। मगर कुछ ही महीनों में मार्ग की वही हालत हो जाती है। मार्ग की मरम्मत के नाम पर हर साल लाखों का खेल होता है। वैसे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक निर्माण विभाग को सड़कें गड्ढा मुक्त बनाने के आदेश दे रहे हैं। मगर विभाग के अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह हुए बैठे हैं। कुछ समय पहले सरधना बिनौली मार्ग के चौड़ीकरण कराने का विभाग द्वारा दावा दिया जा रहा था।
मगर चौड़ीकरण तो दूर इस मार्ग की देखभाल तक नहीं हो पा रही है। जिसका नतीजा यह है कि मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। क्षेत्र के लोग लगातार सड़क निर्माण की मांग उड़ा रहे हैं। मगर अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही सीएम के आदेश की धज्जियां उड़ा रही है। शायद अधिकारियों को सीएम के आदेश की परवाह नहीं है।
मार्ग के चौड़ीकरण का इंतजार
सरधना-बिनौली मार्ग नगर की मुख्य सड़क है। चौड़ाई कम होने के कारण इस मार्ग पर रोजाना भीषण जाम लगा रहता है। क्योंकि मार्ग पर क्षमता से अधिक ट्रैफिक रहता है। क्षेत्र के लोग काफी समय से मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं। यदि मार्ग का चौड़ीकरण हो जाए। मार्ग चौड़ा होने के साथ ही बच में डिवाइडर बनाया जाए तो जाम से निजात मिलेगी। साथ ही कस्बे की रंगत भी सुधर जाएगी। मगर चौड़ीकरण तो दूरी की बात है। इस पुराने मार्ग की देखभाल लोक निर्माण विभाग से नहीं हो रही है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।