Monday, January 17, 2022
- Advertisement -
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutमेरठ में स्क्रब टाइफस ने मचाया कहर, मिले 42 मरीज

मेरठ में स्क्रब टाइफस ने मचाया कहर, मिले 42 मरीज

- Advertisement -

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कोरोना से तो अब काफी राहत है, लेकिन डेंगू, वायरल बुखार और स्क्रब टाइफस आफत बन रहा है। मेरठ मंडल में स्क्रब टाइफस के 42 मरीज मिल चुके हैं, जबकि डेंगू के 288 मरीज मिले हैं।

अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार का कहना है कि डेंगू या स्क्रब टाइफस के मरीज मंडल में बढ़ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, इलाज मुहैया है।

अस्पतालों में डेंगू वार्ड बने हैं और जांच की भी सुविधा उपलब्ध है। स्क्रब टाइफस के लक्षण मिलने पर तुरंत टेस्ट कराएं। अपंजीकृत डॉक्टर से इलाज न कराएं। टाइफस आरिएंटिया त्सुत्सुगामशी बैक्टीरिया के कारण होती है। मंडल में अलग से टीमें गठित की गई हैं।

फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि स्क्रब टाइफस में मरीजों के जोड़ों में दर्द होता है। बुखार के साथ शरीर पर निशान पड़ जाते हैं।

7 से 8 दिन में मरीज ठीक हो जाता है। जिन लोगों को लंबे समय से बुखार या स्किन पर निशान बना रहता है, ऐसे लोगों को डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए।

स्क्रब टाइफस: मेरठ मंडल के जिलों की स्थिति

जिला                      मरीजों की संख्या
गाजियाबाद                     34
गौतमबुद्धनगर                  03
हापुड़                                02
मेरठ                                 01
बुलंदशहर                         01
बागपत                             01

डेंगू: मेरठ मंडल के जिलों की स्थिति 

जिला                    मरीजों की संख्या
मेरठ                           142
गाजियाबाद               113
गौतमबुद्धनगर            13
बागपत                     11
हापुड़                   08
बुलंदशहर             01

(यह आंकड़े 16 सितंबर 2021 तक के हैं।)

डेंगू और स्क्रब टाइफस क्या है और कैसे होता है

डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो कि मच्छर के काटने से होता है। वहीं स्क्रब टाइफस बैक्टीरिया से होता है, जो कि माइट (चिगर्स) के काटने से फैलता है। ये चूहे, छछूंदर और गिलहरी वगैरह से होते हुए भी इंसान तक पहुंच सकते हैं।

बचाव

– डेंगू से बचने के लिए लोग खुद को मच्छरों से बचाएं और मच्छर के पनपने के लिए कूलर, बर्तन, गड्ढे वाली जगह पर पानी न इकट्ठा होने दें।

– स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए जंगल, झाड़ी या खेत वाली जगहों पर जाने से बचें। अगर जाएं तो हमेशा पूरी बांह वाले कपड़े पहनें। साफ-सफाई का ख्याल रखें। बुखार, सिरदर्द वगैरह होने पर डॉक्टर को दिखाएं, ताकि समय पर बीमारी की पहचान कर इलाज शुरू हो सके।

लक्षण 

डेंगू की शुरुआत तेज बुखार व ठंड लगने के साथ होती है। सिरदर्द, कमरदर्द व आंखों में तेज दर्द हो सकता है। जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

स्क्रब टायफस में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द व कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -
- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -

Recent Comments