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वैदिक ग्रन्थों के स्वाध्याय से मिलेगा सत्य ज्ञान: गुरुदत्त

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वैदिक ग्रन्थों के स्वाध्याय से मिलेगा सत्य ज्ञान: गुरुदत्त
  • इंजीनियर करण सिंह की दसवीं पुस्तक का विमोचन
  • यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर शहीद चंद्र शेखर आजाद को किया नमन

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि सनातन संस्कृति के आदर्शों, मूल्यों और नैतिकता को जानने के लिए युवा वैदिक साहित्य पढ़े।

दक्षिणी सिविल लाइन में जयशंकर भवन पर आयोजित समारोह में सिद्धांत शास्त्री इंजीनियर करण सिंह द्वारा लिखी गई दसवीं पुस्तक ‘समझिये-जानिये’ का विमोचन मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने किया। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति की शिक्षा और संस्कारों से राष्ट्र के नागरिकों का जीवन निर्माण होगा।

वेद शास्त्र, दर्शन, वेदांग, उपनिषद, रामायण, गीता, महाभारत आदि सनातन ग्रन्थों को पढ़िए तथा सुनिये, तभी सत्य, न्याय एवं पुण्य कर्म के ज्ञान की प्राप्ति होगी। अपनी महत्वकांक्षाओं की पूर्ति के लिए ऐसी पुस्तके लिख दी गई, जिससे समाज में बढ़ती भ्रांतियां चिंताजनक है।

साहित्य ही समाज का दर्पण है। शुद्ध और तथ्यपरक पुस्तके ही सच्चा मित्र है। जीवन में ज्ञान वृद्धि के साथ सद्गुणों का विकास होता है। वैदिक सर्जन में लेखक करण सिंह के प्रयास युवाओं को नई दिशा दे रहा है। इससे पूर्व माघ पूर्णिमा पर वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में आहुतियां देकर स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उनकी स्मृति को नमन किया गया।

आंनद पाल सिंह आर्य, आर.पी.शर्मा, योगेश्वर दयाल, गजेंद्र सिंह राणा, सतीश चौधरी, मंगत सिंह आर्य, धर्मेंद्र सिंह, दीपा आदि ने चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की प्रेरक बातें सुनाई। संचालन आरपी शर्मा ने किया।