Tuesday, October 19, 2021
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शादी में चली गोली, गार्ड की मौत

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  • शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे सांसद मंत्री डा. संजीव बालियान और बुढ़ाना विधायक
  • मृतक पक्ष ने दुल्हन के पिता के खिलाफ दी तहरीर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/सरधना: गुरुवार की रात सरधना के अहमदाबाद गांव में एक शादी समारोह में हुई फायरिंग में महेंद्रा कंपनी के गार्ड की मौत हो गई। गोली गार्ड के सिर में लगी थी। गोली किसने चलाई या मारी। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। इस वीआईपी शादी समारोह में सांसद, मंत्री व विधायक समेत तमाम मानचीन हस्तियां शामिल हुई थी।

घटना के बाद कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। कोई पुलिस को बताने को तैयार नहीं है कि शादी समारोह में आखिर क्या हुआ। वहीं मृतक गार्ड के भाई ने दुल्हन के पिता व कई अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना पर कई सवाल खड़े हो रही हैं, जिन पर पुलिस जांच कर रही है।

दौराला थाना क्षेत्र के सकौती निवासी 37 वर्षीय मोनू पुत्र संतरपाल मुजफ्फरनगर में महेंद्रा कंपनी में नौकरी करता था। गुरुवार की रात सरधना के अहमदाबाद गांव निवासी समरपाल की पुत्री की शादी थी। खतौली से रात में बारात आई थी।

इस वीआईपी शादी में सांसद डा. संजीव बालियान व बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक समेत तमाम नामचीन हस्तियां शिरकत करने पहुंची थी। मिली जानकारी के अनुसार मोनू भी शादी समारोह में शामिल होने गया। मोनू वहां किसके साथ गया, इस सवाल का अभी तक जवाब नहीं मिला है।

देर रात सभी शादी की खुशी में झूम रहे थे। इस दौरान बाहर गोली चलने की आवाज लोगों ने सुनी। शादी समारोह से लोग गोली चलने वाली जगह दौड़ पड़े। लोागें ने देखा कि मोनू के सिर में गोली लगी हुई है और खून बह रहा है। आनन-फानन में मोनू को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां से पुलिस तक सूचना पहुंची तो हड़कंप मच गया।

शुक्रवार सुबह इंस्पेक्टर टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मगर, किसी ने कुछ नहीं बताया। उधर, सुबह करीब नौ बजे उपचार के दौरान मोनू की मौत हो गई। मोनू को गोली किसने मारी या गोली कैसे लगी। इस सवाल का जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है।

वहीं मृतक के भाई सोनू ने दुल्हन के पिता समरपाल समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ देर शाम तहरीर दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर सरधना बिजेश कुमार सिंह का कहना है कि शादी समारोह में गोली लगने से युवक की मौत हुई है। गोली किसने चलाई या हर्ष फायरिंग इस बात की जांच की जा रही है। जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

कोई बताने को नहीं तैयार

हादसे की सूचना के बाद पुलिस अहमदाबाद गांव पहुंची। पुलिस ने वहां मौजूद मेहमानों से लेकर ग्रामीणों तक से बात की। मगर कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। सबका यही कहना है कि गोली चलने की आवाज सुनी थी बस। इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं पता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी है।

गोली किसने चलाई नहीं पता

गोली मोनू के सिर में लगी है। परिजनों का कहना है कि जिस तरह से सिर में गोली लगी हुई है, उसे हर्ष फायरिंग नहीं कहा जा सकता है। हर्ष फायरिंग का तो नाम दिया जा रहा है। देखकर लगता है कि गोली मोनू के सिर से सटाकर मारी गई है।

अस्पताल में भर्ती कराने वाला भी गायब

मेडिकल कॉलेज में जिस युवक ने घायल मोनू को भर्ती कराया था, उसने अपना नाम अंकित दर्ज कराया था। साथ ही अपना मोबाइल नंबर भी लिखवाया था। मोनू को भर्ती कराने के बाद वह युवक भी गायब हो गया। पुलिस ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। मगर उसका नंबर भी स्वीच आॅफ जा रहा है।

हर्ष फायरिंग पर आदेश दिखावा या छलावा

शादी समारोहों में हर्ष फायरिंग से होने वाली मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट इस कदर सख्त है कि उसने इसके लिये थानेदारों पर कार्रवाई करने के आदेश दिये है। शीर्ष अदालत के आदेशों के अलावा पुलिस महानिदेशक दर्जनों बार आदेश दे चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी थानेदार के खिलाफ कार्रवाई तो दूर नोटिस तक जारी नहीं किये गए। हर्ष फायरिंग को लेकर किये गए आदेश एक तरह से दिखावा या छलावा लग रहे हैं।

सरधना के अहमदाबाद गांव में बुढ़ाना के भाजपा विधायक उमेश मलिक के रिश्तेदारों के विवाह समारोह में हर्ष फायरिंग की घटना से पुलिस कठघरे में खड़ी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि हर्ष फायरिंग की घटना होती है तो संबंधित इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, मगर यहां तो घटना भाजपा विधायक के रिश्तेदार के यहां होने के कारण पूरे मामले पर ही लापापोती करने में जुटी है।

हर्ष फायरिंग की घटना तब हुई जब केन्द्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान व बुढ़ाना के भाजपा विधायक उमेश मलिक भी मौजूद थे। यही वजह है कि पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम पर लीपापोती की। पुलिस सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को भी भूल गई, जिसमें कहा गया है कि हर्ष फायरिंग के लिए संबंधित थानेदार जिम्मेदार होंगे तथा उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

यहां कार्रवाई तो दूर हर्ष फायरिंग की घटना को भी दफन करने की कोशिश की गई। ये मामला सरधना थाना क्षेत्र के गांव अहमदाबाद का है, जहां पर भाजपा विधायक के रिश्तेदार के यहां आयोजित विवाह समारोह के दौरान दनादन हवाई फायरिंग हुई। मरने वाला युवक सकौती टांडा का मोनू पुत्र सतपाल बताया गया है। यह विवाह समारोह समरपाल के यहां पर था, जो बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक के रिश्तेदार हैं।

इसी वजह से पुलिस हर्ष फायरिंग जैसी घटना पर लीपापोती कर रही है। यही नहीं, पिछले दो सप्ताह के दौरान चार हर्ष फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें पुलिस आला अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेशों का पालन नहीं किया, जिसमें हर्ष फायरिंग के मामले में संबंधित इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आदेश दिया गया है।

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