जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन अपने परिचालन संकट को दूर करने की कोशिशों में लगी हुई है, लेकिन हालात लगातार छठे दिन भी सामान्य नहीं हो सके। रविवार को दिल्ली और मुंबई जैसे देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर 220 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले छह दिनों में इंडिगो को करीब 3000 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इससे देशभर में हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ा है और लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई लोगों को आखिरी समय में टिकट बदलने और होटल बुकिंग रद्द करने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मुंबई एयरपोर्ट पर 112 और दिल्ली एयरपोर्ट पर 109 उड़ानें रद्द हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले शुक्रवार को इंडिगो ने परिचालन व्यवधान के चलते करीब 1,600 उड़ानें रद्द की थीं, जबकि शनिवार को रद्द उड़ानों की संख्या घटकर लगभग 800 पर आ गई थी। इसके बावजूद रविवार को संकट दोबारा बढ़ गया, जिससे यात्रियों की दिक्कतें और गहरा गईं।
परिस्थिति बिगड़ने पर अब केंद्र सरकार और उड्डयन नियामक DGCA ने भी सख्त रुख अपनाया है। डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स, और सीओओ व अकाउंटेबल मैनेजर पोर्केरास को नोटिस जारी किया है। उनसे परिचालन संकट की वजहों पर 24 घंटे के भीतर विस्तृत जवाब मांगा गया है।

